

ISKCON Kharghar President Surdas On Ajit pawar Death: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन को लेकर जारी राजनीतिक हलचलों के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस वर्ष की शुरुआत में 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट के पास हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे की जांच फिलहाल CID द्वारा की जा रही है। इसी बीच इस्कॉन खारघर के अध्यक्ष डॉ. सूरदास के एक अजीबोगरीब और विवादित बयान ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
इस्कॉन खारघर के अध्यक्ष डॉ. सूरदास ने दावा किया है कि यदि अजित पवार ने उनका दिया हुआ धार्मिक ग्रंथ पढ़ा होता, तो आज वे हमारे बीच जीवित होते। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
मीडिया को संबोधित करते हुए इस्कॉन अध्यक्ष डॉ. सूरदास ने कहा कि मैंने पिछली आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर अजित पवार को उनके कार्यालय में जाकर अपने हाथों से 'श्रीमद्भागवत गीता' ग्रंथ भेंट किया था। मैंने उनसे विशेष रूप से यह विनती की थी कि वे इस ग्रंथ का पाठ अवश्य करें। उस समय वहां कई पत्रकार भी मौजूद थे और मैंने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा था कि इसे कोई सामान्य पुस्तक न समझें।
इस्कॉन खारघर के अध्यक्ष सूरदास ने आगे कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अजित पवार ने वह ग्रंथ नहीं पढ़ा। यदि उन्होंने 'श्रीमद्भागवत गीता' का अध्ययन किया होता, तो उनका आकस्मिक निधन नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि श्रीमद्भागवत गीता का नियमित पाठ मनुष्य को अनहोनी और अपमृत्यु से रक्षा प्रदान करता है। उनके साथ जो कुछ भी हुआ, वह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।
सूरदास के इस बयान के सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और आम जनता की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक तरफ जहां सीआईडी इस बात की पड़ताल में जुटी है कि यह केवल एक तकनीकी खराबी की वजह से हुआ हादसा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी। वहीं दूसरी तरफ ऐसे बयानों ने प्रशासनिक जांच प्रक्रिया पर लोगों का ध्यान भटकाने का काम किया है।