Eknath Shinde Navi Mumbai Airport Shivaji Statue Protocol Controversy: महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के शीर्ष नेताओं के बीच समन्वय को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन इस बार यह विवाद सीधे तौर पर छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस से जुड़े एक कार्यक्रम के प्रोटोकॉल से जुड़ा हुआ है। नवी मुंबई हवाई अड्डे पर महाराज की एक भव्य अर्ध-प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ मंच पर वन मंत्री गणेश नाइक, महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे सहित संबंधित मंत्रालयों के कई बड़े नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी अग्रिम पंक्ति में मौजूद थे।
लेकिन राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस पूरे आयोजन से पूरी तरह दूर रखा गया, जिसने एक बड़े नए राजनीतिक गतिरोध को जन्म दे दिया है। इस घोर अनदेखी के खिलाफ आज हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान शिवसेना के मंत्रियों ने एकजुट होकर अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया दी।
कैबिनेट की औपचारिक बैठक शुरू होते ही शिवसेना कोटे के मंत्रियों ने इस विषय पर अपना गहरा असंतोष व्यक्त किया। मंत्रियों ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया कि आखिर इतने बड़े और ऐतिहासिक कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री को आमंत्रित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने इसे सीधे तौर पर 'रॉयल प्रोटोकॉल' का खुला उल्लंघन और जानबूझकर किया गया अपमान करार दिया। मंत्रियों का तर्क था कि सरकार के इतने महत्वपूर्ण हिस्से को इस तरह के प्रतीकात्मक और संवेदनशील कार्यक्रम से बाहर रखना गठबंधन की मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है।
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अपनी नाराजगी व्यक्त करने के साथ ही शिवसेना के मंत्रियों ने इस पूरी लापरवाही के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक मशीनरी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की कि इस पूरे कार्यक्रम का खाका तैयार करने वाले सिडको (CIDCO), रॉयल प्रोटोकॉल विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। शिवसेना के इस कड़े और आक्रामक रुख को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मामले की संवेदनशीलता को पूरी गंभीरता से संज्ञान में लिया। उन्होंने मंत्रियों को आश्वस्त करते हुए इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच करने के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद अब दोषी अधिकारियों के निलंबन की संभावना बढ़ गई है।
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि की बात करें तो पिछले साल अक्टूबर में जब नवी मुंबई हवाई अड्डे का उद्घाटन हुआ था और हवाई सेवाएं शुरू हुई थीं, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं संज्ञान लेते हुए यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की एक गरिमामयी अर्ध-प्रतिमा स्थापित करने के कड़े निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला तुरंत काम में जुट गया था और रिकॉर्ड तोड़ गति से काम करते हुए मात्र 5 महीनों के भीतर इस सुंदर प्रतिमा को स्थापित करने का कार्य पूरा कर लिया गया था। लेकिन अब इस ऐतिहासिक प्रतिमा के अनावरण समारोह में हुई राजनीतिक चूक और एकनाथ शिंदे की अनुपस्थिति ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है, जिसका पटाक्षेप अधिकारियों पर होने वाली कार्रवाई के बाद ही संभव लग रहा है।