उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे विमुक्त दिवस मुंबई फोटो सोर्स- X
मुंबई

मुंबई में विमुक्त दिवस पर डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का ऐलान, 52 विमुक्त समाजों के लिए चलेगा देशव्यापी आंदोलन

Mumbai Eknath Shinde News: माटुंगा में विमुक्त दिवस पर आयोजित परिषद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 52 भटक्या-विमुक्त समाजों के अधिकारों और विकास के लिए देशव्यापी आंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया।

रूपम सिंह

Deputy CM Eknath Shinde Vimukta Divas Mumbai: विमुक्त दिवस के अवसर पर मुंबई में आयोजित परिषद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि विमुक्त समाज को सहानुभूति नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार, सम्मान और न्याय चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार 52 भटक्या-विमुक्त समाजों को एकजुट कर उनके अधिकारों के लिए देशव्यापी आंदोलन खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

52 समाजों के प्रतिनिधि हुए शामिल

माटुंगा में आयोजित 'शिवसेना भटके विमुक्त हक्क, न्याय व विकास परिषद 2026' में बंजारा, मदारी, भोई, वैदू, पारधी, गोंधली, वडार, धनगर और गोसावी समेत 52 समाजों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। परिषद में समुदायों की विभिन्न समस्याओं और उनके विकास को लेकर चर्चा हुई।

शिक्षा और रोजगार पर जोर

एकनाथ शिंदे ने कहा कि विमुक्त और भटक्या समुदायों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आवास और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य बीमा और कौशल विकास की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। रोजगार और स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही।

वसंतराव नाईक विकास महामंडल की योजनाएं होंगी मजबूत

शिंदे ने वसंतराव नाईक विकास महामंडल के माध्यम से संचालित योजनाओं को और मजबूत करने की बात कही। उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के जरूरतमंद और पात्र लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए।

लोककला और पारंपरिक व्यवसायों को मिलेगा मंच

विमुक्त समाज की लोककला, हस्तकला और पारंपरिक व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा भी शिंदे ने की। उन्होंने कहा कि इन समुदायों की पारंपरिक कला और कौशल को उचित मंच मिलने से रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

युवाओं से शिक्षा पर ध्यान देने की अपील

उपमुख्यमंत्री ने विमुक्त समाज के युवाओं से शिक्षा हासिल कर डॉक्टर, वकील, इंजीनियर और उद्यमी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल के माध्यम से युवा समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

31 अगस्त का दिन संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक

एकनाथ शिंदे ने कहा कि 31 अगस्त 1952 को इन समुदायों को ब्रिटिश काल के 'क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट' के कलंक से मुक्ति मिली थी।

उन्होंने इस दिन को विमुक्त समाज के स्वाभिमान और लंबे संघर्ष का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इन समुदायों को सम्मान और विकास के समान अवसर दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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