हम देखते रहे और लोग मंत्री बन गए, सोलापुर में सदाभाऊ खोत का बड़ा बयान, मंत्रिपद को लेकर जताई खटास

Sadabhau Khot Solapur Farmers Meeting: सोलापुर के कुरुल में किसान सभा के दौरान विधायक सदाभाऊ खोत ने मंत्रिपद न मिलने पर अपनी नाराजगी जताई और सहकारी संस्थानों के भ्रष्टाचार की जांच की मांग की।
We kept watching while others became ministers; Sadabhau Khot makes a major statement in Solapur
सदाभाऊ खोत मंत्रिपद बयानसोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Sadabhau Khot Ministerial Post Statement Solapur: सोलापुर जिले के मोहोल तहसील के कुरुल में किसानों के गन्ने को उचित दाम दिलाने की मांग को लेकर आयोजित सभा में विधायक सदाभाऊ खोत ने मंत्रिपद नहीं मिलने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि स्थापित नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीब पहुंचे और मंत्रिपद हासिल कर लिया, जबकि वे केवल देखते रह गए। उनके इस बयान से मंत्रिपद नहीं मिलने की नाराजगी साफ नजर आई।

स्थापित नेताओं पर साधा निशाना

खोत ने कहा कि सामान्य परिवार से आने वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़े और बड़े नेता बने। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद वर्षों से राजनीतिक प्रभाव रखने वाले स्थापित नेता फडणवीस के करीब पहुंचे और सत्ता में शामिल होकर मंत्री बन गए। खोत ने यह टिप्पणी विधायक गोपीचंद पडलकर की मौजूदगी में की।

इथेनॉल मिश्रण के फैसले का समर्थन

सभा में सदाभाऊ खोत ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के फैसले का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि इथेनॉल मिश्रण से विदेशी मुद्रा की बचत होती है और गन्ना किसानों को भी इसका लाभ मिलता है। उन्होंने उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें इथेनॉल मिश्रण के कारण वाहनों को नुकसान होने की बात कही जा रही है।

स्थापित नेताओं की जांच की मांग

खोत ने राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नेताओं के कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने मुख्यमंत्री से जिला बैंकों, सूत मिलों और चीनी कारखानों के कामकाज की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराने की मांग की।

We kept watching while others became ministers; Sadabhau Khot makes a major statement in Solapur
मुंबई में 61 वर्षीय रिटायर्ड LIC अधिकारी से 97.70 लाख की ऑनलाइन ठगी, शेयर बाजार में भारी रिटर्न का दिया लालच

ग्रामीण क्षेत्र को नुकसान का आरोप

विधायक ने आरोप लगाया कि स्थापित नेताओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े संस्थानों और सहकारी क्षेत्र के कामकाज की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

Navbharat Live
navbharatlive.com