Mumbai ED Digital Arrest Money Laundering Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशभर में चल रहे कथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े करीब 30,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फहीम मोइन हुसैन सैयद और नईम मोईन सैयद के रूप में हुई है।
ईडी ने दोनों आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार करने के बाद विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों को गोवा के पणजी ले जाने के लिए ईडी को ट्रांजिट रिमांड दे दी है। मुख्य मामले की प्राथमिकी गोवा में दर्ज की गई थी, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ता गया।
ईडी के अनुसार, इस व्यापक जांच की शुरुआत गोवा की एक महिला के साथ हुई साइबर ठगी से हुई। आरोप है कि साइबर जालसाजों ने महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया। इसके बाद मई से जून 2025 के बीच उससे करीब 2.60 करोड़ रुपये कथित ‘सीक्रेट सुपरविजन अकाउंट्स’ में ट्रांसफर कराए गए।
डिजिटल अरेस्ट साइबर अपराध का ऐसा तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस, जांच एजेंसी या अन्य सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ित को वीडियो कॉल पर निगरानी में होने का डर दिखाते हैं। इसके बाद कानूनी कार्रवाई से बचने के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया जाता है।
करीब 30,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान ईडी साइबर धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेन-देन और आरोपियों के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
मुंबई शहर से हुई दोनों गिरफ्तारियों को इसी व्यापक जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों आरोपियों को अब आगे की जांच के लिए पणजी ले जाया जाएगा।