Dharavi Fire Victims Rehabilitation Devendra Fadnavis (फोटो क्रेडिट-X)  
मुंबई

आग में घर गंवाने वालों को मुख्यमंत्री का तोहफा, देवनार में जमीन मंजूर, सब्सिडी में भी हुई भारी बढ़ोतरी

Dharavi Fire Victims Rehabilitation: धारावी में आग से प्रभावित 436 झुग्गीवासियों को 27 साल बाद देवनार में जमीन मिलेगी। फडणवीस सरकार ने पुनर्वास के प्रस्ताव को कैबिनेट में दी मंजूरी।

अनिल सिंह

Deonar Land Allotment SRA: मुंबई के धारावी में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए 27 साल का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए, आग में अपनी झुग्गियां गंवाने वाले 436 परिवारों को देवनार में जमीन देने का फैसला किया गया है। यह कदम न केवल इन परिवारों को सिर पर छत प्रदान करेगा, बल्कि दशकों पुराने संघर्ष को न्यायपूर्ण अंत तक पहुंचाएगा। महायुति सरकार ने राजस्व विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत राजीव गांधी एसआरए (SRA) कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों को अब उनके हक का पक्का घर मिल सकेगा।

धारावी पुनर्विकास और आवास योजना के तहत लिया गया यह फैसला मुंबई के झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कैबिनेट में 11,659 स्क्वायर मीटर सरकारी जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव पेश किया था, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकृत कर लिया गया। इस निर्णय से उन लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है, जो पिछले ढाई दशकों से अधिक समय से विस्थापन का दंश झेल रहे थे। सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह शहरी गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें स्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

देवनार में जमीन आवंटन और एसआरए का लाभ

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, धारावी की राजीव गांधी एसआरए कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के 436 पात्र लाभार्थियों को देवनार इलाके में सुरक्षित और व्यवस्थित जमीन दी जाएगी। 11,659 स्क्वायर मीटर के इस भूखंड पर अब आधुनिक सुविधाओं वाले घरों का निर्माण किया जा सकेगा। यह जमीन आवंटन पूरी तरह से सरकारी नियमों के तहत किया गया है, ताकि आग जैसी आपदाओं के शिकार हुए इन झुग्गीवासियों को फिर से वैसा ही जोखिम न उठाना पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि पुनर्वास की यह प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी, जिससे लाभार्थियों को जल्द से जल्द गृहप्रवेश मिल सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना और 'घरकुल' की बड़ी उपलब्धि

ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोर ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत महाराष्ट्र ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पिछले एक साल में राज्य में करीब 4 लाख 'घरकुल' (घर) बनकर तैयार हुए हैं। अब तक कुल 28 लाख 24 हजार से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जो देश के इतिहास में किसी भी राज्य के लिए सबसे बड़ा आंकड़ा है। केंद्र सरकार की 'सिंगल नोडल एजेंसी' प्रणाली के कारण किस्तों में जो देरी हुई थी, उसे अब सुलझा लिया गया है और रियल टाइम फंड ट्रांसफर के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे लाभ पहुँचाया जा रहा है।

बढ़ती सब्सिडी और सोलर पावर के लिए अतिरिक्त मदद

सरकार ने घरकुल योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद को और अधिक प्रभावी बना दिया है। अब लाभार्थियों को केंद्र और राज्य की सब्सिडी के अलावा मुख्यमंत्री के विशेष फैसले के तहत 50 हजार रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं। इसमें से 35 हजार रुपये निर्माण के लिए और 15 हजार रुपये घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए आवंटित हैं। कुल मिलाकर, मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन की राशि को मिलाकर एक घर के लिए लगभग 2 लाख 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही, घर बनाने के लिए 5 ब्रास तक मुफ्त रेत और जमीन खरीदने के लिए मिलने वाली मदद को भी 1 लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया है।

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