

Mahavitaran Solar New Rules: वर्धा जिले में महावितरण द्वारा सोलर पैनल ग्राहकों के संदर्भ में लिए गए नए निर्णयों के विरोध में जिला सोलर एसोसिएशन की ओर से गुरुवार, 5 मार्च को शहर में भव्य मोर्चा निकाला गया। इस मोर्चे में सैकड़ों की संख्या में सोलर पैनल संचालकों और ग्राहकों ने भाग लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। मोर्चा छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से शुरू होकर डॉ. बाबासाहब आंबेडकर चौक तक पहुंचा।
यहां एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि महावितरण ने 13 फरवरी 2026 से सोलर उपभोक्ताओं के लिए नई नियमावली लागू की है, जो ग्राहकों के लिए अन्यायपूर्ण है। नई नियमावली के अनुसार अब सोलर सिस्टम कितने किलोवॉट का लगाया जाएगा, यह निर्णय महावितरण द्वारा लिया जाएगा, जबकि पहले ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुसार सोलर सिस्टम लगवा सकते थे।
एसोसिएशन का कहना है कि इस नियम से ग्राहकों के अधिकार सीमित हो गए हैं। इसके अलावा पहले सोलर सिस्टम से अतिरिक्त उत्पन्न होने वाली बिजली पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता था, लेकिन अब पिछले कुछ दिनों से ग्राहकों पर जुर्माना लगाया जा रहा है और इसकी जबरन वसूली की जा रही है। सोलर एसोसिएशन ने कहा कि यह योजना राष्ट्रीय सौर मिशन के अंतर्गत आती है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना पर आधारित है।
इसके बावजूद केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां एक-दूसरे के विपरीत दिखाई दे रही हैं। एसोसिएशन ने मांग की कि नई नियमावली पर तत्काल रोक लगाई जाए, सोलर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए और सोलर व्यवसायियों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त किया जाए। करीब दस प्रमुख मांगों को लेकर सोलर व्यवसायियों और ग्राहकों ने प्रशासन और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।
मोर्चा शुरू होने से पहले प्रदर्शनकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अभिवादन किया। मोर्चे का नेतृत्व दुष्यंत ठाकरे, श्याम बोटकुले, हिमांशु घोडे और वैभव कदम सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने महावितरण के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मोर्चे में सोलर व्यवसायियों द्वारा लगाए गए फ्लेक्स भी आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया था।
एसोसिएशन ने यह भी बताया कि सोलर कनेक्शन की मंजूरी के लिए नए नियम के अनुसार पिछले 12 महीनों के औसत बिजली यूनिट को आधार बनाया जा रहा है, जो कई ग्राहकों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। खासकर नए मकान बनाने वाले ग्राहकों को इससे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई लोगों ने कर्ज लेकर अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए हैं, लेकिन महावितरण की नई नीति के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।