Dharavi Redevelopment Project Documentation Camp: धारावी के स्थानीय नगरसेवकों के सहयोग से पहली बार सभी निवासियों के अनिर्णीत (पेंडिंग) मामलों के निपटान के लिए 13 दिन तक डॉक्यूमेंटेशन कैम्प आयोजित किए जाने की घोषणा की गई है।
ये कैम्प 14 से 26 मई के बीच सिंगल-विंडो वेरिफिकेशन के लिए आयोजित किए जाएंगे, जिनमें रेलवे की जमीन सहित सभी 5 सेक्टरों के निवासियों को शामिल किया जाएगा। इन कैम्प में धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) के अधिकारी पेंडिंग या 'अनिर्णीत' मामलों के त्वरित समाधान के लिए, दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और जमा करने से संबंधित सवालों में निवासियों की मदद करेंगे।
इस पहल के लिए डीआरपी ने स्थानीय नगरसेवकों के साथ एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में मौजूद पार्षदों में भास्कर शेट्टी (शिवसेना), अर्चना शिंदे, जोसेफ़ कोली और हर्षला मोरे (सभी शिवसेना-यूबीटी) के साथ-साथ कांग्रेस नेता आशा काले और साजिदाबी बब्बू खान शामिल हुए।
डीआरपी सचिव पालीवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में पेंडिंग मामले बीएमसी फोटोपास में लिखी तारीख को लेकर हुई गलतफहमी के कारण सामने आए थे। ऐसे लगभग 90% मामले पहले ही सुलझा लिए गए हैं और बाकी मामलों पर काम चल रहा है।
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पात्रता का निर्णय दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही किया जाएगा। पालीवाल के अनुसार, जहां झुग्गियां कई बार बेची-खरीदी गई हैं, वहां मालिकाना हक के डॉक्यूमेंट्स की पूरी कड़ी उपलब्ध नहीं है। डॉक्यूमेंट्स की पूरी कड़ी के बिना, डीआरपी न तो उस ढांचे को मान्य कर सकता है, न ही मालिकाना हक के इतिहास का वेरिफिकेशन कर सकता है, और न ही मौजूदा झुग्गी-धारक की पात्रता निर्धारित कर सकता है।