CM Devendra Fadnavis Slams CJP: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभिजीत दीपके की पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर हमला बोलते हुए तंज भरे लहजे में उसका नया नामकरण कर दिया है। एक साक्षात्कार में उन्होंने सीजेपी को कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम करार दिया और दावा किया कि इसका एकमात्र मकसद किसी भी तरह कांग्रेस को सत्ता में वापस लाना है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने सीजेपी का राजनीतिक विश्लेषण करते हुए कहा कि वर्तमान में कांग्रेस की साख और विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। इसके चलते विपक्षी खेमे में एक बड़ा सियासी खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भरने की क्षमता अब पारंपरिक कांग्रेस में नहीं बची है।
उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी पारंपरिक राजनीतिक दल इस जगह को इसलिए नहीं भर सकता क्योंकि वे पहले से ही अपने राजनीतिक बोझ तले दबे हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्तमान कार्यकाल व प्रदर्शन का मुकाबला करने में अक्षम हैं। इसलिए इस सियासी खालीपन को भरने के लिए सीजेपी को एक हथियार और नई रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
फडणवीस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग भारत विरोधी ताकतों की मदद करते हैं और देश में अराजकता फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया के माध्यम से भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों में ऐसे तत्व शामिल थे, जिन्हें देश के हितों से कभी कोई सरोकार नहीं रहा।
लोकसभा चुनाव और भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यात्रा के दौरान घोर वामपंथी विचारधारा वाले समूहों को इस कार्यक्रम से जोड़ा गया था। इससे शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी को कुछ नुकसान जरूर हुआ, लेकिन पार्टी ने जल्द ही इसकी काट निकाल ली।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी दल विचारधारा की लड़ाई में भाजपा को नहीं हरा सकते, इसीलिए वे 'गोली चलाओ और भाग जाओ' की राजनीति अपनाते हैं। वे जानते हैं कि वैचारिक धरातल पर लड़ाई खत्म हो चुकी है, इसलिए वे केवल तात्कालिक मुद्दों पर भ्रम फैलाने का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि घोर वामपंथी विचारधारा को लागू करने के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा देश का संविधान है। इसीलिए यह समूह एक तय रणनीति के तहत चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जैसी शीर्ष संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश करता है। इन्हें संविधान से कोई वास्तविक मतलब नहीं है।
फडणवीस ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि वे भाजपा की नीतियों और राजनीति का जमकर विरोध करें, लेकिन विरोध के नाम पर भारत का विरोध करना सही नहीं है। उन्होंने माना कि यह लड़ाई आसान नहीं है, लेकिन भाजपा इसका डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार है। वहीं, आम आदमी पार्टी से जुड़े सवाल पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब उसका वजूद ही समाप्त होने की कगार पर है।