

Drugs Mafia Conspiracy In Pradeep Purnekar Murder: ठाणे में शिवसेना (UBT) पार्टी के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है और कानूनव्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हत्याकांड के तार अब खतरनाक ड्रग्स माफिया और बिल्डर लॉबी से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सोशल मीडिया प्रदेश संघटक संदीप उदमाले ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि प्रदीप पूर्णेकर इलाके में फलफूल रहे एमडी ड्रग्स और गांजा विक्रेताओं के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ रहे थे। इसके सबूत के तौर पर पूर्णेकर द्वारा ठाणे पुलिस आयुक्त को लिखा गया शिकायती पत्र भी सामने आया है।
यह खौफनाक घटना मंगलवार रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच घटी। ठाणे के मनोरमानगर इलाके में स्थित अपने दफ्तर के बाहर प्रदीप पूर्णेकर मौजूद थे। उसी दौरान हेलमेट और मास्क पहने अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और उन्हें निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग कर दी।
गोलियां लगते ही पूर्णेकर खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े। वारदात के तुरंत बाद उन्हें घोडबंदर रोड स्थित आर मॉल के पास इनफिनिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्याकांड के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता संदीप उदमाले ने सवाल उठाया कि क्या उद्धव ठाकरे के इस शिवसैनिक की जान इसलिए ली गई क्योंकि उन्होंने ड्रग्स माफिया से संघर्ष किया या फिर बिल्डर लॉबी के खिलाफ आवाज उठाई?
सामने आए दस्तावेज के अनुसार, प्रदीप पूर्णेकर ने 17 जुलाई 2026 को ठाणे शहर के पुलिस आयुक्त को एक विस्तृत पत्र सौंपा था। इस पत्र में उन्होंने शिकायत की थी कि ठाणे शहर के केसल मिल सर्कल और घोडबंदर रोड क्षेत्र में एमडी ड्रग्स और गांजे की खुलेआम बिक्री व सेवन चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि संदेहास्पद व्यक्तियों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे स्कूली बच्चे व युवा पीढ़ी नशे की लत में फंस रही है।
इसके अलावा इलाके में महिलाओं और स्थानीय नागरिकों के बीच भय का माहौल बन गया था। पूर्णेकर ने पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और नशीले पदार्थों के तस्करों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इस पत्र पर 2 अगस्त 2026 को पुलिस आयुक्त कार्यालय की प्राप्ति मुहर भी लगी हुई है।
ड्रग्स माफिया के खिलाफ मुहिम के साथसाथ इस हत्याकांड में एक स्थानीय बिल्डर के साथ विवाद की बात भी सामने आई है। खबरों के अनुसार, पूर्णेकर ने एक स्थानीय बिल्डर द्वारा की जा रही कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था और इसके लिए कापूरबावड़ी पुलिस से अनुमति मांगी थी। हालांकि, पुलिस हत्या की असली वजह और इस विवाद के आपसी संबंधों की गहराई से जांच कर रही है।
प्रदीप पूर्णेकर शिवसेना (UBT) में ठाणे के विभाग प्रमुख के पद पर कार्यरत थे और पूर्व सांसद राजन विचारे के बेहद करीबी सहयोगी माने जाते थे। उन्हें स्थानीय स्तर पर बाला के नाम से भी जाना जाता था। उनकी पत्नी विजेता पूर्णेकर ने ठाणे नगर निगम का चुनाव लड़ा था, जबकि उनके भाई जयनाथ पूर्णेकर ठाणे नगर निगम के पूर्व पार्षद रह चुके हैं।
कापूरबावड़ी और ठाणे पुलिस की कई टीमें इस मामले की तफ्तीश में जुटी हैं। डीसीपी प्रशांत कदम के मुताबिक, पूर्णेकर के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंबई के जेजे अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने घटनास्थल और मुख्य सड़कों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं।
सीसीटीवी फुटेज से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा, जिनमें से एक आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी वारदात के समय मौके पर मौजूद रहकर रेकी व साजिश में शामिल था, जबकि दूसरे संदिग्ध ने हमलावरों को भागने के लिए वाहन उपलब्ध कराया था।