Maharashtra OBC Welfare News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज का विकास ही राज्य की प्रगति का मुख्य आधार है। ओबीसी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के आपसी समन्वय से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इन योजनाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण और परिणामकारक बनाने के लिए सरकार पूरी तरह कटिबद्ध है।
इस अवसर पर अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे और संसदीय समिति के अध्यक्ष गणेश सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। मुंबई के होटल ट्राइडेंट में 'अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण संसदीय समिति' के साथ आयोजित एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार ने ओबीसी, विजाभज और एसबीसी घटकों के विकास को गति देने के लिए एक स्वतंत्र 'इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग' की स्थापना की है।
सरकार ओबीसी समाज के उत्थान के लिए शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण की कई योजनाएं चला रही है। इसके तहत छात्रों को छात्रवृत्ति, विदेश में पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता और उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली लड़कियों को 100 प्रतिशत फीस में छूट दी जा रही है। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों के लिए आश्रम स्कूल चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा, राज्य के 36 जिलों में लड़के और लड़कियों के लिए कुल 72 हॉस्टल शुरू किए गए हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि हॉस्टल में प्रवेश न मिलने वाले छात्रों के लिए 'स्वयंम' योजना शुरू की गई है, जिसके तहत रहने और खाने के लिए 60 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है। महाज्योती संस्था के माध्यम से युवाओं को यूपीएससी और एमपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। इसका लाभ उठाकर यूपीएससी में 29 और एमपीएससी में 118 छात्रों ने सफलता हासिल की है।
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सीएम देवेंद्र ने आगे बताया कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ओबीसी कॉर्पोरेशन के माध्यम से 15 लाख रुपए तक का लोन दिया जा रहा है, जिसकी गारंटी खुद सरकार लेती है। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रह गए लोगों के लिए 'मोदी आवास योजना' के तहत घर और सौर ऊर्जा के लिए अलग से अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संसदीय समिति से मिलने वाले सुझावों के आधार पर इन योजनाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।