BMC Electric Boats: गेटवे ऑफ इंडिया पर शुरू हुई मानव रहित इलेक्ट्रिक बोट सेवा, रोज जुट रहा 90 किलो कचरा

BMC Electric Boats News: समुद्री प्रदूषण कम करने और तटीय क्षेत्रों को स्वच्छ रखने के लिए गेटवे ऑफ इंडिया में मानव रहित इलेक्ट्रिक बोट तैनात की हैं। इनसे प्रतिदिन 80 से 90 किलो तैरता कचरा हटाया जा रहा।
BMC Electric Boats Cleaning Mumbai
मुंबई सी क्लीनिंग प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
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BMC Electric Boats Cleaning Mumbai: बीएमसी ने समुद्र तट और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए एक नई पहल शुरू की है। समुद्र में तैरते कचरे को हटाने के लिए गेटवे ऑफ इंडिया और बधवार पार्क क्षेत्र में मानव रहित विद्युत नाव (इलेक्ट्रिक बोट) कार्यरत की गई हैं।

इन नावों के जरिए प्रतिदिन लगभग 80 से 90 किलो तैरते कचरे का संग्रह किया जा रहा है। बीएमसी प्रशासन का कहना है कि समुद्री प्रदूषण को कम करने और समुद्र किनारों की स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। खास बात यह है कि ये नावें पूरी तरह बिजली से संचालित होती हैं, जिससे पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता।

आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल

साथ ही, इन नावों में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे समुद्र में कचरा संग्रहण का कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े के निर्देशानुसार मुंबई शहर और उपनगरों में स्वच्छता तथा ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) डॉ। अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन तथा उपायुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) किरण दिघावकर की देखरेख में इस परियोजना को अमल में लाया गया है।

2 मानव रहित बोट की गई है शुरू

  • उपायुक्त (परिमंडल-1) चंदा जाधव और सहायक आयुक्त (ए विभाग) गजानन बेल्लाले के नेतृत्व में 'ए' विभाग में 2 मानव रहित इलेक्ट्रिक बोट शुरू की गई हैं।
  • इन नावों में व्हीकल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) जैसी तकनीकें लगाई गई है। इनकी सहायता से नावों की दिशा, कार्यक्षेत्र और सुरक्षा पर नियंत्रण रखा जा सकता है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, यह पहल समुद्री स्वच्छता अभियान को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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