Devendra Fadnavis On Nari Shakti Vandan Bill: महाराष्ट्र की राजनीति में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर घमासान तेज हो गया है। मुंबई के वर्ली स्थित NSCI डोम में आयोजित 'जन-आक्रोश महिला सम्मेलन' में हजारों की संख्या में जुटी महिलाओं ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस विशाल सम्मेलन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस और इंडी (I.N.D.I.A.) गठबंधन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन बिल देश की करोड़ों माताओं और बहनों के सम्मान और उनके राजनीतिक उत्थान के लिए लाया गया था, लेकिन विपक्ष ने संसद में अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय देते हुए इसमें बाधाएँ उत्पन्न कीं। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि विपक्ष ने केवल नाममात्र का समर्थन दिखाया, लेकिन जब निर्णायक मोड़ आया, तो उन्होंने अपना असली रंग दिखाते हुए महिला सशक्तिकरण की राह रोकने का काम किया।
अपने संबोधन से पहले CM देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर जानकारी साझा की कि उन्होंने राजमाता जीजाऊ मासाहेब, छत्रपति महारानी ताराबाई, पुण्यश्लोक राजमाता अहिल्यादेवी होल्कर और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले जैसी महान महिला विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन्हीं की प्रेरणा से ही हम महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कड़े शब्दों में संकल्प लिया कि 'नारी शक्ति वंदन मोर्चा' तब तक शांत नहीं बैठेगा, जब तक विधानसभाओं और संसद में महिलाओं को उनका वाजिब 33% हक नहीं मिल जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक इस मुद्दे को लटकाए रखा और कभी गंभीरता नहीं दिखाई। फडणवीस ने कहा कि यह लड़ाई तब तक समाप्त नहीं होगी जब तक सदन में हमारी बहनों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो जाती। हम नारी शक्ति को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
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इस शक्ति प्रदर्शन में भाजपा के बड़े चेहरों ने शिरकत की। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, महिला मोर्चा अध्यक्ष चित्रा वाघ, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, वरिष्ठ नेता पंकजा मुंडे, माधुरी मिसाल, मेघना बोर्डिकर, और रितु तावड़े सहित कई नगरसेवक और विधायक उपस्थित थे। सम्मेलन में उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दे दिया है कि आने वाले चुनावों में महिला आरक्षण और सशक्तिकरण एक निर्णायक मुद्दा बनने वाला है।