पहलगाम हमले के शहीद आदिल शाह के परिवार को मिला 'आनंद नाथ भवन', एकनाथ शिंदे ने पूरा किया वादा, देखें तस्वीरें

Pahalgam Attack Martyr Adil Shah: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहलगाम आतंकी हमले में पर्यटकों को बचाते हुए शहीद हुए आदिल शाह के परिवार को नवनिर्मित घर सौंपकर अपना वादा पूरा किया।
New Home For Family Of Martyr Adil Shah eknath shinde fulfills promise
पहलगाम हमले के शहीद आदिल शाह के परिवार को नए घर की सौगात (सोर्स: सोशल मीडिया)
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New Home For Family Of Martyr Adil Shah: राजनीति में वादे अक्सर हवा हो जाते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कश्मीर की वादियों में मानवता की एक नई मिसाल पेश की है। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बेहद भावुक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए आदिल शाह के परिवार को एक नवनिर्मित मकान की चाबियां सौंपी गईं।

पर्यटकों को बचाते हुए आदिल दी थी जान

पहलगाम की बैसरन घाटी में खच्चर की सवारी कराने वाले आदिल शाह उस समय आतंकियों की गोलियों का शिकार हो गए थे, जब वे वहां आए पर्यटकों की जान बचा रहे थे। उस भीषण हमले में 26 लोगों की जान गई थी। आदिल अपने परिवार का इकलौता सहारा थे, लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा को निभाया।

शिवसेना ने किया था वादा

पहलगाम आतंकी हमले के बाद शिवसेना की ओर से आदिल के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी, साथ ही उनके लिए एक पक्का मकान बनवाने का वादा भी किया गया था। उस वादे को पूरा करते हुए, आज नवनिर्मित आवास का नाम 'आनंद नाथ भवन' रखा गया है। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि यह नाम पूजनीय गुरु, धर्मवीर आनंद दिघे साहब की स्मृति को समर्पित है।

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने वर्चुअली जुड़कर दी श्रद्धांजलि

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस कार्यक्रम में मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। उन्होंने शहीद आदिल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आदिल शाह केवल एक युवक नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्र के गौरव की एक दीप्तिमान मिसाल हैं। उन्होंने धर्म, भाषा और संप्रदाय से ऊपर उठकर मानवता के लिए बलिदान दिया। एक मां ने अपना बेटा खोया, लेकिन राष्ट्र उनके इस त्याग को कभी नहीं भूलेगा।

पिता की भावुक अपील, बोले- मकान मिला पर बेटा नहीं लौटेगा

आदिल के पिता, सैयद हैदर शाह ने घर मिलने पर सरकार का आभार जताया, लेकिन उनकी आंखें अपने बेटे की याद में नम थीं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने आदिल की पत्नी और भाई को सरकारी नौकरी दी है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति अब संभल जाएगी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि कोई भी सहायता मेरे बेटे की कमी पूरी नहीं कर सकती, लेकिन शिंदे साहब ने जो वादा किया था उसे पूरा कर हमारे सिर पर छत दे दी है।

मौके पर मौजूद रहे महाराष्ट्र के दिग्गज मंत्री

शहीद के पैतृक गांव हापटनार में आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट, योगेश रामदास कदम स्वयं उपस्थित रहे। इनके साथ शिवसेना सचिव कैप्टन अभिजीत अडसुल, 'सरहद' संस्था के निदेशक संजय नाहर, युवा सेना के बाजीराव चव्हाण, युवा सेना सचिव (कोंकण क्षेत्र) विकास गोगावले, युवा सेना कोर समिति के सदस्य अभिमन्यु खोपकर, अनंतनाग के ज़िला पुलिस अधीक्षक रमीज राजा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक फारूक अहमद, जम्मू-कश्मीर शिवसेना प्रमुख अश्विनी कुमार गुप्ता और प्रदेश सचिव मोहम्मद शकील मोगरे, तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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