MPSC Online Exam 2026: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा पद्धति में बड़े बदलाव को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की है। विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से ऑनलाइन (कंप्यूटर आधारित) परीक्षा प्रणाली के खिलाफ लगातार की जा रही मांग और आंदोलन को देखते हुए सरकार ने बैकफुट पर आने का फैसला किया है।
पुणे में प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों की उपस्थिति में हुई एक बैठक के बाद, मुख्यमंत्री ने मुंबई में एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार, राज्य के मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में आम सहमति बनी कि फिलहाल छात्रों पर यह ऑनलाइन परीक्षा पद्धति थोपी नहीं जाएगी, बल्कि भविष्य में इसके क्रियान्वयन पर विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एमपीएससी के अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के लिए भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करना हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। हालांकि, इसके साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि छात्रों और संबंधित परीक्षा संस्थानों को किसी भी नई परीक्षा पद्धति को अपनाने और उसके अनुकूल खुद को ढालने के लिए पर्याप्त समय मिले।
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इसी बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली को राज्य में तुरंत लागू न किया जाए। इसके बजाय, इस नई व्यवस्था को अगस्त 2027 से चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई जाए, ताकि प्रशासनिक प्रणालियों और छात्रों दोनों को अपनी तैयारी मजबूत करने का पूरा अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि जब तक अगस्त 2027 की समयसीमा नहीं आ जाती और नई व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से शुरू नहीं होती, तब तक एमपीएससी की सभी आगामी परीक्षाएं अपने मौजूदा पारंपरिक (ऑफलाइन) तरीके से ही आयोजित की जाती रहेंगी। इससे उन हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिली है जो अचानक परीक्षा पैटर्न बदलने से असमंजस में थे।
फडणवीस ने कहा कि एक प्रणाली से दूसरी प्रणाली में परिवर्तन (ट्रांजिशन) पूरी तरह सुचारू होना चाहिए ताकि किसी भी छात्र का नुकसान न हो। हालांकि, इस नीतिगत दिशा-निर्देश के बाद अंतिम और आधिकारिक निर्णय लेने का अधिकार महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के पास ही सुरक्षित रहेगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आयोग द्वारा प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे विभिन्न सुधारों और आधुनिक पहलों की सराहना भी की।