Devendra Fadnavis Marathi Language Auto Drivers: मुंबई ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा के ज्ञान को अनिवार्य किए जाने के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस नियम का उद्देश्य हिंदी भाषी या अन्य भाषा बोलने वाले चालकों को मराठी का विशेषज्ञ बनाना नहीं है। चालकों के लिए केवल कामकाज से जुड़ा बुनियादी मराठी ज्ञान जरूरी है, ताकि वे यात्रियों से आसानी से संवाद कर सकें।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महायुति सरकार भाषा के आधार पर किसी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत महसूस हुई तो ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी का कार्यसाधक ज्ञान हासिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा सकता है।
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने 20 अगस्त से पूरे राज्य में ऑटो और टैक्सी चालकों के कामकाज से जुड़े मराठी भाषा ज्ञान की जांच का अभियान शुरू किया है। फडणवीस ने कहा कि चालकों को विशेषज्ञ बनाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्हें यात्रियों और रोजमर्रा के काम से संबंधित सामान्य मराठी समझना और बोलना आना चाहिए।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि आवश्यक स्तर की दक्षता नहीं रखने वाले चालकों को शुरुआत में मराठी सीखने का अवसर दिया जाएगा। सरकार का जोर कार्रवाई से पहले चालकों को भाषा सीखने का पर्याप्त मौका देने पर है।
परिवहन विभाग की व्यवस्था के अनुसार, यदि चालक निर्धारित भाषा दक्षता हासिल करने में विफल रहते हैं, तो उनका लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। लगातार नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में लाइसेंस और बैज रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
मराठी भाषा को लेकर चालकों के बीच बनी चिंता के बीच मुख्यमंत्री के अतिरिक्त समय देने के बयान से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि भाषा नियम का उद्देश्य किसी वर्ग को परेशान करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में यात्रियों और चालकों के बीच बुनियादी संवाद को आसान बनाना है।