Devendra Fadnavis MLA Fund Distribution: महायुति में मतभेद का प्रमुख मुद्दा बने फंड आवंटन यानी निधि वितरण विवाद का आखिरकार समाधान हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई महायुति की बैठक में जिला नियोजन निधि के वितरण को लेकर नया फॉर्मूला तय किया गया है। इसके तहत अब निधि का बड़ा हिस्सा स्थानीय विधायकों के माध्यम से विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
बैठक में तय व्यवस्था के अनुसार जिला नियोजन निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय विधायकों को मिलेगा। विधायक अपने क्षेत्रों की विकास संबंधी प्राथमिकताओं के अनुसार इस निधि के उपयोग की सिफारिश कर सकेंगे। वहीं बाकी 30 प्रतिशत निधि के आवंटन का अधिकार संबंधित पालक मंत्री के पास रहेगा।
30 प्रतिशत निधि का वितरण संबंधित पालक मंत्री स्थानीय स्तर पर समन्वय के साथ करेंगे। सरकार का उद्देश्य निधि वितरण को लेकर महायुति के घटक दलों और जनप्रतिनिधियों के बीच बने मतभेद को खत्म करना तथा विकास कार्यों में बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है।
बैठक में राज्य के विभिन्न निगमों और महामंडलों में लंबित नियुक्तियों को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। राज्य में करीब 170 निगम और महामंडल हैं, जिनमें साढ़े छह सौ से अधिक सदस्य पद बताए गए हैं। तय फॉर्मूले के अनुसार इन पदों पर अगले एक महीने के भीतर नियुक्तियां करने पर सहमति बनी है।
बैठक में विशेष कार्यकारी अधिकारियों और जिला स्तरीय समितियों में नियुक्तियों का रास्ता भी साफ किया गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि इन नियुक्तियों की प्रक्रिया भी तय व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य लंबित राजनीतिक और प्रशासनिक नियुक्तियों को जल्द पूरा करना है।
फंड आवंटन को लेकर लंबे समय से महायुति के भीतर अलग-अलग घटक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच असहमति की खबरें सामने आती रही थीं। नए फॉर्मूले के बाद सरकार को उम्मीद है कि जिला स्तर पर निधि वितरण को लेकर विवाद कम होंगे और विकास कार्यों को गति मिलेगी।