मुंबई क्राइम ब्रांच बड़ा एक्शन 12 गिरफ्तार  फोटो सोर्स- नवभारत
मुंबई

मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: दुबई से संचालित अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, गोवा से 12 गिरफ्तार

Mumbai Crime News: मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोवा के विला में छापा मारकर ऑनलाइन सट्टेबाजी व साइबर ठगी गिरोह के 12 आरोपियों को पकड़ा। मास्टरमाइंड दुबई से चला रहे थे नेटवर्क।

रूपम सिंह

Mumbai Cyber Crime Bust: मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गोवा से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ‘रुद्र’ और ‘100 पैनल’ जैसी ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी साइट्स की आड़ में देशभर के लोगों से साइबर ठगी कर रहा था। गिरोह का संचालन गोवा के एक आलीशान विला से किया जा रहा था, जबकि इसके मुख्य तार दुबई से जुड़े पाए गए हैं।

छापेमारी में भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त

गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने गोवा के ओर्डा-कैंडोलिम स्थित ‘केस डी निकोले विला’ में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 12 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 15 लैपटॉप, 85 मोबाइल फोन, 128 एटीएम कार्ड, 76 सिम कार्ड, 77 बैंक पासबुक, 22 चेकबुक, 6 राउटर, 3 कीबोर्ड और 2 माउस सहित बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए।

फर्जी बैंक खातों के जरिए होता था लेन-देन

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम उनमें जमा करवाते थे। इसके बाद नकदी निकालने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता था। गिरोह से जुड़े सदस्यों को प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 3 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था, जबकि पूरे नेटवर्क का संचालन कथित तौर पर दुबई में बैठे सरगना कर रहे थे।

83 साइबर शिकायतों से जुड़े मिले तार

क्राइम ब्रांच की जांच में बरामद बैंक खातों के शुरुआती विश्लेषण से पता चला है कि नेशनल साइबर हेल्पलाइन पर देशभर से दर्ज 83 साइबर शिकायतों के तार सीधे इस गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस को आशंका है कि विस्तृत जांच में साइबर ठगी के कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।

जांच जारी, बड़े खुलासों की संभावना

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त राज तिलक रोशन ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, ठगी की कुल राशि कितनी है तथा देश के किन-किन राज्यों में इसका नेटवर्क फैला हुआ था। जांच पूरी होने के बाद कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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