Congress Protest In Mumbai: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज उस समय भारी हंगामा देखने को मिला जब भारी बारिश के बावजूद महाराष्ट्र कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता और दिग्गज नेता सड़कों पर उतर आए। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बीच, मुंबई पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल और विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
मुंबई में सुबह से ही मूसलाधार बारिश हो रही थी, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता नरीमन पॉइंट स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय की ओर मार्च करने के लिए एकत्र हुए थे। जब पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, तो दिग्गज नेता बारिश से भीगी सड़कों पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं और वे केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे पुलिस कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और पुलिस बलपूर्वक नेताओं को खींचकर वैन में डाल रही है।
यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। महाराष्ट्र कांग्रेस की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठीचार्ज और पुलिस बल का गलत इस्तेमाल कर रही है।
हिरासत में लिए जाने के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, यह सरासर अन्याय है। सरकार पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है। हमें विरोध करने का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हमें रोका जा रहा है। दलवई ने आगे आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं कि अगर वे धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेंगे, तो अगला नंबर उनका होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश संविधान के अनुसार चलना चाहिए, न कि तानाशाही से।
यह भी पढ़ें: तस्वीरों में जीवंत हुईं अजित पवार की यादें, अजित स्मृति प्रदर्शनी का CM फडणवीस ने किया उद्घाटन
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मुंबई पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय तिलक भवन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी है। पुलिस को आशंका थी कि कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच आमना-सामना हो सकता है, क्योंकि भाजपा ने भी जवाबी प्रदर्शन की घोषणा की थी। इससे एक दिन पहले भी अमीन पटेल और असलम शेख जैसे नेताओं ने लोक भवन के बाहर इसी मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। फिलहाल, मुंबई पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए प्रमुख नेताओं को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया है, लेकिन शहर में राजनीतिक पारा अभी भी चढ़ा हुआ है।