राजे उमाजी नाईक की जयंती पर CM देवेंद्र फडणवीस ने किया नमन (सोर्स: X)
मुंबई

शौर्य को सलाम: स्वाभिमान के प्रतीक क्रांतिवीर उमाजी नाईक को CM देवेंद्र फडणवीस ने जयंती पर किया नमन

Krantiveer Umaji Naik Birth Anniversary: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आद्य क्रांतिवीर राजे उमाजी नाईक की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर विनम्र अभिवादन किया और उनके शौर्य को याद किया।

आलोक उमाकृष्ण

CM Fadnavis Pays Tribute To Krantiveer Umaji Naik: आद्य क्रांतिवीर राजे उमाजी नाईक की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें विनम्र अभिवादन किया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने राजे उमाजी नाईक की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने आद्य क्रांतिवीर के शौर्य, साहस और संघर्ष को स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजे उमाजी नाईक का जीवन समाज और देश के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। अंग्रेजी शासन के खिलाफ उनके संघर्ष और अन्याय के विरोध में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने से उनके विचारों और बलिदान को एक बार फिर स्मरण किया गया।

अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठाई थी आवाज

राजे उमाजी नाईक को महाराष्ट्र के प्रमुख क्रांतिकारी योद्धाओं में माना जाता है। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अन्याय और अत्याचार का विरोध किया था। उनका जीवन साहस, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। आद्य क्रांतिवीर के रूप में उनकी पहचान महाराष्ट्र राज्य के इतिहास में विशेष स्थान रखती है।

उन्होंने अपने समाज और देश के हितों के लिए संघर्ष किया तथा विदेशी सत्ता के सामने झुकने से इनकार किया। उनके संघर्ष की गाथा आज भी लोगों को प्रेरित करती है। यही वजह है कि उनकी जयंती के अवसर पर विभिन्न स्तरों पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और उनके योगदान को याद किया जाता है।

शौर्य और बलिदान से नई पीढ़ी को प्रेरणा

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राजे उमाजी नाईक की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर किया गया अभिवादन उनके योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है। जयंती के अवसर पर उनके साहस, त्याग और संघर्ष को याद करते हुए उनके विचारों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।

राजे उमाजी नाईक का जीवन यह संदेश देता है कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का साहस समाज में बदलाव ला सकता है। उनके संघर्ष और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है। जयंती के अवसर पर उन्हें याद कर उनके ऐतिहासिक योगदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया गया।

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