

Mumbai Journalists Health Camp 750 Checked: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अनियमित काम के समय, लगातार यात्रा और घटनास्थलों पर घंटों काम करने के कारण पत्रकारों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
इसलिए पत्रकारों के स्वास्थ्य की नियमित देखभाल को प्राथमिकता देना जरूरी है। इसी उद्देश्य से विधान भवन में पत्रकारों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच और इलाज शिविर आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री सहायता निधि और धर्मादाय अस्पताल सहायता कक्ष के समन्वय से आयोजित शिविर में करीब 750 पत्रकारों और अन्य लोगों की जांच की गई। करीब 600 विशेषज्ञ डॉक्टर और चिकित्सा कर्मचारी इसमें शामिल हुए। सुबह 9 बजे से शाम 4.30 बजे तक विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविर में हृदय, आंख, त्वचा, हड्डी, पेट, श्वसन, कान-नाक-गला, स्त्री रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, मानसिक स्वास्थ्य और सामान्य चिकित्सा सहित कई विभागों की सुविधा दी गई। ईसीजी, 2डी इको, एक्स-रे, रक्त जांच, मैमोग्राफी, एंडोस्कोपी और दंत जांच की व्यवस्था भी की गई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि पत्रकारों और उनके परिवारों को बीमारी के दौरान आवश्यक इलाज और चिकित्सा समन्वय उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि में अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह व्यवस्था पत्रकारों को इलाज से जुड़ी आवश्यक जानकारी, सहायता और समन्वय उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
फडणवीस ने कहा कि पत्रकारों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को केवल एक शिविर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। सरकार पूरे वर्ष पत्रकारों और उनके परिवारों को आवश्यक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य देखभाल और समय पर इलाज से पत्रकार अपने काम को अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर और उपसभापति सचिन अहिर की उपस्थिति में आयोजित पत्रकार स्वास्थ्य शिविर को विभिन्न पत्रकार संगठनों का सहयोग मिला। शिविर में पत्रकारों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
इस पहल के माध्यम से पत्रकारों को नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। आयोजकों ने कहा कि पत्रकारों का काम अनियमित समय, लगातार यात्रा और तनावपूर्ण परिस्थितियों से जुड़ा होता है।
ऐसे में उनका स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। स्वस्थ पत्रकार बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। इससे न केवल पत्रकारिता मजबूत होगी, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को भी मजबूती मिलेगी।