CM Devendra Fadnavis Speech: मुंबई के समग्र पुनर्विकास के लिए क्लस्टर पद्धति से नियोजन किया गया है, जिससे अगले 10 वर्षों में महानगर को झोपड़पट्टी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। धारावी पुनर्विकास, म्हाडा की पुरानी कॉलोनियों का पुनर्विकास तथा बेस्ट बस डिपो के आधुनिक विकास से मुंबई का चेहरा पूरी तरह बदलने वाला है। यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘नरेडको’ महाराष्ट्र की ओर से आयोजित ‘चेंज ऑफ गार्ड’ कार्यक्रम में कही।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ‘नरेडको’ ने हमेशा निर्माण क्षेत्र में सुधार, कारोबार सुगमता और पूरे व्यावसायिक समुदाय के हितों को प्राथमिकता दी है। मुंबई के विकास आराखड़े को तैयार करने में नरेडको, एमसीएचआई और क्रेडाई सहित विभिन्न संस्थाओं ने सरकार के साथ मिलकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस अवसर पर नागपुर के विकास को लेकर नागपुर महानगर विकास प्राधिकरण को नरेडको द्वारा दिए जाने वाले सहयोग करार की घोषणा भी की गई।
इस अवसर पर हिरानंदानी ग्रुप के संस्थापक व अध्यक्ष निरंजन हिरानंदानी, नरेडको महाराष्ट्राचे अध्यक्ष कमलेश ठाकूर, रौनक़ ग्रुप के एमडी राजन बांदेलकर, यूपी के पूर्व मुख्य सचिव दूर्गाशंकर मिश्र, नरेडको महाराष्ट्र नेक्सटजेन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रौनक बांदेलकर सहित प्रमुख विकासक उपस्थित थे।
सीएम फडणवीस ने बताया कि देश की पहली तिमाही में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही, जबकि महाराष्ट्र ने इसी अवधि में 8.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। इसमें रियल एस्टेट क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि मुंबई के विकास का अगला चरण पुनर्विकास का है और इसके लिए क्लस्टर मॉडल अपनाया जा रहा है।
धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत जनवरी 2029 तक 10 हजार पुनर्वास आवास तैयार करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही करीब 50 वर्ष पहले विकसित म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास की भी आवश्यकता है। उपलब्ध भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग कर मुंबई का सुनियोजित विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई की जीवनरेखा बेस्ट के बस डिपो का भी आधुनिक तरीके से पुनर्विकास होगा। यहां आधुनिक बस टर्मिनल, यात्री सुविधाओं के साथ व्यावसायिक एवं आवासीय विकास किया जाएगा, जिससे बेस्ट को आय के नए स्रोत मिलेंगे और शहर की संरचना में भी बड़ा बदलाव आएगा।
उन्होंने बताया कि एमएमआर की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकास आराखड़ा तैयार किया गया है। ‘मुंबई 3’ की अवधारणा अब क्रियान्वयन के चरण में है। स्मार्ट सिटी, एज्यु-सिटी, मेडि-सिटी और इनोवेशन सिटी जैसे नए शहरी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।
उत्तन से विरार तक 24 किलोमीटर लंबा सी-लिंक प्रस्तावित है, जो यातायात को तेज और सिग्नल मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं, बढावन बंदरगाह जेएनपीटी से करीब तीन गुना बड़ा होगा और पालघर जिले में लगभग 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता रखता है। इसके साथ नए शहरी केंद्र विकसित होंगे, जिन्हें ‘चौथी मुंबई’ के रूप में आकार दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे के नए हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा होने और इसी वर्ष निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी। उन्होंने मुंबई-पुणे कॉरिडोर को ‘क्वांटम कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने की सरकार की योजना भी बताई। साथ ही रियल एस्टेट क्षेत्र के उद्यमियों से महाराष्ट्र के नए विकास अवसरों में भागीदारी की अपील की।