मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

महाराष्ट्र में UCC पर फडणवीस सरकार का ऐतिहासिक फैसला, ड्राफ्ट तैयार करने के लिए बनाई 7 सदस्यीय कमेटी

Maharashtra UCC Committee: महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कमेटी का गठन किया। जानिए कौन हैं इस सात सदस्यीय टीम में शामिल।

आकाश मसने

Maharashtra Uniform Civil Code News: महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लागू करने की दिशा में राज्य की महायुति सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधानसभा में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए राज्य में UCC के नियम और रूपरेखा तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी के गठन का ऐलान किया। इस सात सदस्यीय विशेषज्ञ कमेटी की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है।

कमेटी में शामिल हैं दिग्गज चेहरे

मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा घोषित इस सात सदस्यीय कमेटी में कानून, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित चेहरों को जगह दी गई है। इस कमेटी में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के तीन पूर्व जज, एक संवैधानिक विशेषज्ञ, एक पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह और सामाजिक क्षेत्र के दो प्रबुद्ध लोग शामिल हैं।

कमेटी के सदस्यों के नामों की सूची

  • जस्टिस रंजना देसाई (अध्यक्ष): सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश।
  • जस्टिस आर.सी. चव्हाण: हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश।
  • जस्टिस एस.जी. मेहरे: हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश।
  • डी.के. जैन: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव (प्रशासनिक विशेषज्ञ)।
  • वीरेंद्र सराफ: महाराष्ट्र के पूर्व एडवोकेट जनरल (संवैधानिक विशेषज्ञ)।
  • रमेश पतंगे: प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और पद्मश्री से सम्मानित।
  • सुवर्णा रावल: जानी-मानी शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता।

क्या करेगी सात सदस्यीय कमेटी?

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सात सदस्यों वाली यह कमेटी यूनिफॉर्म सिविल कोड से जुड़े सभी कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तार से अध्ययन करेगी और अगले छह महीनों के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करेगी।

UCC को लेकर क्या बोले सीएम फडणवीस?

सीएम फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार नागपुर में होने वाले आगामी शीतकालीन सत्र में विधानसभा और विधान परिषद दोनों में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पेश करने और उसे पारित कराने की कोशिश करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर सभी जरूरी संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे बढ़ेगी, ताकि राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने UCC कानून लाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का विचार संविधान में शामिल राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांतों से समर्थन पाता है। डॉ. भीमराव आंबेडकर के विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि एक समान नागरिक ढांचा शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में समानता और एकरूपता के संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखेगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पूरे देश में UCC पर चर्चा तेज हो गई है।

बता दें कि आजादी के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड बना। इसके बाद गुजरात और असम ने भी अपना UCC बिल पास किया। इसके अलावा मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में इसकी प्रक्रिया जारी है।

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