मुंबई पेड़ हादसा, रितु तावडे, आयुक्त अश्विनी भिड़े (सोर्स सोशल मीडिया) 
मुंबई

दोषी अधिकारियों को बचाया तो मुख्यमंत्री से करूंगी शिकायत-चेंबूर हादसे पर महापौर रितु तावड़े का कड़ा रुख

Mumbai Tree Fall Incident: चेंबूर में पेड़ गिरने से छात्र विहान श्रीवास्तव की मौत के मामले में मुंबई महापौर रितु तावडे ने बीएमसी अधिकारियों को बचाने की कोशिशों पर सख्त नाराजगी जताई है।

अंकिता पटेल

Mumbai BMC Ritu Tawde Tree Fall Probe: मुंबई मानसून के दौरान हुए हादसों के कारण मुंबई महानगरपालिका में घमासान मच गया है। खासकर चेंबूर में पेड़ गिरने की घटना में हुई 11 वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव की मौत के मामले को लेकर महापौर रितु तावडे और बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे के बीच ठन गई है।

तावडे ने स्पष्ट कर दिया है कि घटना के जिम्मेदार बीएमसी के उद्यान विभाग के दोषी अधिकारियों को बचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुंबई की महापौर रितू तावड़े ने इस संबंध में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जरूरत पड़ी, तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी वह शिकायत कर सकती हैं।

जांच रिपोर्ट हो चुकी है खारिज चेंबूर में पेड़ गिरने की इस घटना के बाद खतरनाक पेड़ों की छंटाई और उनकी निगरानी को लेकर बीएमसी के उद्यान विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। मामले की जांच के लिए प्रशासन ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया था।

हालांकि समिति की रिपोर्ट में उद्यान विभाग को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी गई, जबकि केवल ठेकेदार पर 5 लाख रुपए और सलाहकार पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। समिति की रिपोर्ट को लेकर विपक्ष के साथ-साथ स्वयं महापौर भी कड़ा विरोध जता चुकी हैं।

विहान को न्याय दिलाने निष्पक्ष जांच रिपोर्ट तैयार हो

बीएमसी प्रशासन की जांच रिपोर्ट को पहले ही खारिज कर चुकी महापौर रितू तावड़े ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि यदि आयुक्त इस मामले की दोबारा जांच कर संशोधित रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करती हैं, तो वह सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करेंगी।

महापौर के इस रुख से बीएमसी प्रशासन में हड़कंप मच गया है। महापौर ने कहा कि एक मासूम बच्चे की जान की कीमत केवल रुपए से नहीं आंकी जा सकती है। महापौर रितू तावड़े ने कहा कि केवल ठेकेदारों पर जुर्माना लगाकर वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने वाली जांच रिपोर्ट हमें अस्वीकार नहीं है।

हमने इसे पुनर्विचार के लिए आयुक्त अश्विनी भिड़े को वापस भेजा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मृत छात्र विहान श्रीवास्तव को न्याय दिलाने के लिए संशोधित और निष्पक्ष जांच रिपोर्ट तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।

साकीनाका मैनहोल हादसे की भी नहीं आई रिपोर्ट

साकीनाका में खुले मैनहोल हादसे की रिपोर्ट में देरी के कारण भी बीएमसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। साकीनाका की घटना में खुले मेनहोल में गिरने से 55 वर्षीय असलम शेख की मौत हो गई थी। घटना को 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बीएमसी की जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।

घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित किया गया था और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। इससे बीएमसी की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अश्विनी भिड़े से न्याय का विश्वास

इस बीच महापौर ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे एक सक्षम और संवेदनशील अधिकारी हैं तथा वह किसी भी दोषी को संरक्षण नहीं देंगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि संशोधित रिपोर्ट तैयार करते समय आयुक्त जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करेंगी।

हालांकि महापौर ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि इस मामले में प्रशासन की ओर से देरी या टालमटोल की गई, तो वह चुप नहीं बैठेंगी।

जरूरत पड़ने पर वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मामले में न्याय की मांग करेंगी। बीएमसी आयुक्त आगे क्या निर्णय लेती हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Explainer: पश्चिमी यूपी में टूटेगा चौधरी परिवार का समीकरण? 26% मुस्लिम वोटर अहम, स्वाभिमान रैली के क्या मायने

Delhi CJP Protest LIVE: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, CJP के थाने पहुंचते ही एक्शन

Teachers' Day 2026: क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन की 8 खास बातें

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से दबोचा, SC-ST एक्ट के तहत दर्ज है FIR

घूम-घूम कर जहर उगलने वाले स्वतंत्र भारद्वाज पर जिन धाराओं में FIR, उनमें कितनी सजा का है प्रावधान? Explained