कुर्ला-ट्रॉम्बे रेल लाइन के किनारे 3,762 झुग्गियों को हटाने के नोटिस जारी होंगे।
हाई कोर्ट ने 30 दिन की मोहलत और अंतरिम सहायता के निर्देश दिए।
रेलवे लाइन विस्तार के लिए जमीन खाली कराई जाएगी।
Central Railway Kurla Trombe Slum Eviction: कुर्ला-ट्रॉम्बे रेल लाइन के किनारे बनी 3,762 झुग्गियां हटाने की प्रक्रिया अब तेज होने जा रही है। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद सेंट्रल रेलवे इस सप्ताह इन घरों में रहने वालों को नए बेदखली नोटिस जारी करेगा।
नोटिस मिलने के बाद घर खाली करने के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा। रेलवे के मुताबिक रेल लाइन के पास बने इन निर्माणों से सुरक्षा को लेकर चिंता है और रेलवे की जमीन का इस्तेमाल भविष्य में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए भी किया जाना है।
ये झुग्गियां कुर्ला-ट्रॉम्बे रेल लाइन के किनारे करीब 9,000 वर्ग मीटर रेलवे जमीन पर बनी हैं। इस रेल लाइन का इस्तेमाल मुख्य रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए होता है। यहां से मुंबई शहर के पूर्व उपनगर में औद्योगिक क्षेत्रों और पेट्रोलियम प्रतिष्ठानों तक सामान पहुंचाया जाता है। रेलवे के मुताबिक पटरियों और ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तारों के पास बने इन मकानों से सुरक्षा संबंधी खतरा पैदा हो सकता है।
अधिकारियों के अनुसार सीएसएमटी से कुर्ला के बीच पांचवीं और छठी रेल लाइन के प्रस्तावित विस्तार के लिए भी इस जमीन की जरूरत है। इसलिए रेलवे लाइन के आसपास के अनधिकृत निर्माण हटाना जरूरी माना जा रहा है।
सात प्रभावित निवासियों की याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने रेलवे को नए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। 2022 में पहले ही कारण बताओ नोटिस दिए गए थे।
अब बेदखली प्रक्रिया फिर शुरू होगी। अदालत ने पुनर्वास पर विचार करने और प्रभावित परिवारों को छह महीने तक हर माह 2,000 रुपए की अंतरिम सहायता देने का भी निर्देश दिया है।
रेलवे अधिकारी के मुताबिक नए नोटिस जारी करने के बाद निर्धारित समय में मकान खाली नहीं किए गए तो अदालत के निर्देश और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अनधिकृत निर्माण हटाने में आने वाला खर्च संबंधित लोगों से वसूलने का भी प्रावधान है।
कुर्ला शहर के कुरैशी नगर में 21 अगस्त को 250 टन की हाइड्रोलिक क्रेन झुग्गियों पर गिर गई थी। क्रेन एक जर्जर इमारत को गिराने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे में 10 लोग घायल हुए, कई मकानों को नुकसान पहुंचा पहुंचा और बिजली के तार भी गिर गए। इस घटना के बाद रेल लाइन के आसपास सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई।
इस साल की शुरुआत में बांद्रा के गरीब नगर में भी रेलवे विस्तार के लिए 500 से अधिक अनधिकृत निर्माण हटाए गए थे। इनमें पुनर्वास के पात्र करीब 100 परिवारों को एमएमआरडीए की ओर से आवास दिए गए थे