माल ढुलाई की सांकेतिक फोटो  (सोर्स: एआई फोटो)
मुंबई

मध्य रेल की बल्ले-बल्ले! अप्रैल से जुलाई के बीच ₹2,777 करोड़ का राजस्व, माल ढुलाई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

CR Freight Loading Record: मध्य रेल ने अप्रैल से जुलाई 2026 में माल ढुलाई से ₹2,777.14 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। 27.65 मिलियन टन माल लदान में नागपुर मंडल 60% कमाई के साथ शीर्ष पर रहा।

सूर्यप्रकाश मिश्र, गोरक्ष पोफली

Central Railway Freight Revenue: मध्य रेल ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की अप्रैल से जुलाई अवधि में माल ढुलाई के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है। इस दौरान 10,498 रेकों में 27.65 मिलियन टन माल की ढुलाई कर मध्य रेल ने ₹2,777.14 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।

पिछले वर्ष इसी अवधि में 10,055 रेकों में 26.49 मिलियन टन माल लदान हुआ था। इस लिहाज से माल की मात्रा में 4% से अधिक की वृद्धि और रेकों की संख्या में 443 रेकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मंडलवार प्रदर्शन: नागपुर सबसे आगे

कुल 27.65 मिलियन टन माल लदान में नागपुर मंडल ने सबसे बड़ा योगदान दिया। नागपुर मंडल ने अकेले

16.31 मिलियन टन माल लादकर कुल लदान का लगभग 59% हिस्सा लिया। इसके बाद मुंबई मंडल ने 6.80 मिलियन टन यानी 24% से अधिक माल लदान किया। अन्य मंडलों में *

सोलापुर मंडल 2.34 मिलियन टन के साथ 8%, भुसावल मंडल 1.60 मिलियन टन के साथ 6% और पुणे मंडल 0.61 मिलियन टन के साथ 2% का योगदान रहा।

राजस्व में भी नागपुर मंडल शीर्ष पर

नागपुर मंडल ने ₹1,667.87 करोड़ कमाए जो कुल राजस्व का लगभग 60% है। मुंबई मंडल ने ₹634.54 करोड़ यानी 23% राजस्व दिया। भुसावल से ₹187.19 करोड़, सोलापुर से ₹163.83 करोड़ और पुणे मंडल से ₹123.72 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।

क्या-क्या ढोया गया?

अप्रैल से जुलाई के बीच सबसे ज्यादा लदान कोयला का रहा। कुल 3,444 रेकों में 13.54 मिलियन टन कोयला ढोया गया जिससे ₹1,227.99 करोड़ की कमाई हुई। यह कुल माल का 49% है।

इसके बाद कंटेनर 3,189 रेक - 3.52 मिलियन टन, पेट्रोलियम उत्पाद 913 रेक - 2.30 मिलियन टन,

सीमेंट 538 रेक - 2.25 मिलियन टन और लोहा-स्टील 544 रेक - 1.83 मिलियन टन रहे। ऑटोमोबाइल लदान में बड़ी बढ़ोतरी हुई। अप्रैल-जुलाई 2026 में 363 रेक ऑटोमोबाइल लोड किए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 288 रेक थे। यानी 75 रेक की वृद्धि।

10 साल में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा

केवल जुलाई 2026 की बात करें तो मध्य रेल ने 2,446 रेकों में 6.45 मिलियन टन लदान कर ₹633.29 करोड़ का राजस्व कमाया। पिछले साल जुलाई में 2,435 रेकों में 6.07 मिलियन टन माल लदा था। इस तरह मात्रा में 6% से अधिक की बढ़ोतरी हुई।

यह पिछले 10 वर्षों में जुलाई माह के लिए दूसरा सबसे अधिक लदान है। जुलाई में कोयला 868 रेक, ऑटोमोबाइल 71 रेक, लौह अयस्क 62 रेक, चीनी 41 रेक, खाद्यान्न 12 रेक और डोलोमाइट 4 रेक लोड किए गए। सभी में पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मंडलवार जुलाई के आंकड़ों में नागपुर 3.85 मिलियन टन और ₹385.13 करोड़ के साथ पहले, मुंबई 1.62 मिलियन टन और ₹143.21 करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

आगे की रणनीति

मध्य रेल ने कहा है कि वह बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, टर्मिनल क्षमता बढ़ाने और माल की निर्बाध आवाजाही को सुगम बनाने पर काम कर रहा है। ग्राहक-केंद्रित सेवाओं और नए लॉजिस्टिक्स समाधानों के जरिए रेलवे अपनी माल ढुलाई हिस्सेदारी बढ़ाकर भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देना चाहता है।

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