Bombay High Court Bulldozer Culture: देश में बुलडोजर चलाने के बढ़ते मामलों को लेकर हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी की है। एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम को आड़े हाथों लिया। हाई कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र में इस बुलडोजर कल्चर को मत घुसने दीजिए।
यह यूपी या बिहार नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी के लिए घर बनाना आसान नहीं होता और इसलिए उस पर इस तरह एक झटके में बुलडोजर चलाना सही नहीं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई को पूरी तरह से मनमाना और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन करार दिया।
जस्टिस सिद्धेश्वर ठोंबरे की अगुवाई वाली पीठ ने मकान ढहाने की कार्रवाई से नाराज होते हुए कहा कि एक घर का निर्माण करना कोई आसान काम नहीं है।
ये भी पढ़े:- मुंबई के होटलों में ‘चीज एनालॉग’ लिखना अनिवार्य, नियमों की अनदेखी पर 320 प्रतिष्ठानों को नोटिस
यह मामला एमआईएम पार्षद मतीन पटेल और हनीफ खान से जुड़ी संपत्तियों को ढहाने से जुड़ा था। संभाजीनगर नगर निगम ने बीते 13 मई को इसकी संपत्तियों पर बुलडोजर चला दिया था। इसके बाद पीडित पक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि प्रशासन ने इस कार्रवाई के दौरान नियमों को पूरी तरह ताक पर रखा। कोर्ट ने नोट किया कि जरूरी सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया था।