मुंबई के होटलों में 'चीज एनालॉग' लिखना अनिवार्य, नियमों की अनदेखी पर 320 प्रतिष्ठानों को नोटिस

Mumbai FDA News: महाराष्ट्र में होटलों और रेस्तरां के लिए मेन्यू कार्ड और बिल पर 'चीज एनालॉग' लिखना अनिवार्य हुआ। नियमों का उल्लंघन करने वाले 320 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी।
Maharashtra mandates hotels to declare 'Cheese Analog' on menus and bills. Food safety officials issued show-cause notices to 320 outlets during state-wide drives.
मंत्री नरहरी झिरवल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai FDA Cheese Analog Narhari Zirwal: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल ने सभी विभागीय खाद्य सह-आयुक्तों को 'चीज एनालॉग' के संबंध में नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। नए नियमों के अनुसार अब राज्य के सभी होटलों, रेस्तरां, भोजन आपूर्तिकर्ताओं और खाद्य विक्रेताओं के लिए बिक्री रसीद, मेन्यू कार्ड और रेट बोर्ड पर 'चीज एनालॉग' या 'डेयरी अल्टरनेटिव' का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया गया है।

1 मई 2026 से लागू किए गए इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इस नए नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरे राज्य में एक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के पहले दस दिनों के भीतर राज्यभर के 275 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कुल 1 हजार 496 प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण किया।

इस जांच के दौरान 871 प्रतिष्ठानों में नियमों के अनुसार 'चीज एनालॉग' का स्पष्ट उल्लेख पाया गया। वहीं दूसरी ओर, नियमों की अनदेखी करने वाले 320 प्रतिष्ठानों को प्रशासन द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई मुंबई, कोंकण, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और अमरावती जैसे प्रमुख विभागों में की गई है।

उपभोक्ता सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

प्रशासन का मानना है कि इस कदम से मिलावटखोरी पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा मजबूत होगी। अक्सर होटलों और रेस्तरां में पनीर के स्थान पर खाद्य तेल, स्टार्च और अन्य मिश्रणों से बने 'चीज एनालॉग' का उपयोग किया जाता है, जो दिखने में बिल्कुल पनीर जैसा ही होता है।

लेकिन इस नियम के बाद अब ग्राहकों को स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि 'शाही पनीर' जैसे व्यंजनों में असली पनीर का उपयोग हुआ है या चीज एनालॉग का। इस अनूठे अभियान की सराहना केंद्र सरकार के भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भी की है।

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