Mumbai BMC Municipal Infrastructure Projects: मुंबई के बड़े बुनियादी ढांचा प्रकल्पों को गति देने के लिए बीएमसी 9,500 करोड़ रुपए नगर निगम बॉन्ड के जरिए जुटाने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव लागू होने पर भारत के किसी भी शहरी स्थानीय निकाय का अब तक का सबसे बड़ा नगर निगम बॉन्ड होगा। इस राशि का उपयोग सीवेज, बाढ़ नियंत्रण, सड़क और अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा।
बीएमसी की योजना चालू वित्त वर्ष में, संभवतः दिसंबर तक बॉन्ड जारी करने की है। हालांकि यह निर्णय अभी होना बाकी है कि बॉन्ड एकमुश्त जारी किए जाएंगे या चरणबद्ध तरीके से होंगे।
अतिरिक्त नगर आयुक्त (वित्त) अभिजीत बांगर ने कहा कि पूंजीगत परियोजनाओं के लिए उधार लेना उचित वित्तीय रणनीति है, यदि उसके भुगतान की विश्वसनीय योजना हो। बीएमसी ने बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया के लिए तीन मर्चेट बैंकरों का चयन किया है।
इनमें एके कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, टिपसन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ये संस्थाएं बॉन्ड की संरचना तैयार करने, नियामकीय प्रक्रिया पूरी कराने और निवेशकों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने का काम करेंगी।
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प्रस्तावित राशि का उपयोग सात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 13,000 करोड़ रुपए की एकीकृत बाढ़ नियंत्रण मास्टर प्लान, पंपिंग स्टेशन, सुरंगों और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड जैसी परियोजनाओं में किया जाएगा, बीएमसी ने 2026-27 के बजट में पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए ग्रीन बॉन्ड जारी करने की भी योजना घोषित की है।
अतिरिक्त नगर आयुक्त (वित्त) अभिजीत बांगर के अनुसार, यदि पुनर्भुगतान की स्पष्ट और विश्वसनीय योजना हो तो पूंजीगत परियोजनाओं के लिए उधार लेना एक प्रभावी वित्तीय रणनीति है। बीएमसी का मानना है कि प्रस्तावित बॉन्ड से जुटाई जाने वाली राशि मुंबई की दीर्घकालिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने और भविष्य की शहरी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।