टाटा मेमोरियरल हॉस्पिटल (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

ब्लड कैंसर के इलाज में क्रांति: नवी मुंबई में बन रहा देश का सबसे बड़ा आधुनिक अस्पताल, जानें कब होगा शुरू

Cancer Hospital Kharghar: टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा खारघर में 370 बेड का अत्याधुनिक ब्लड कैंसर अस्पताल तैयार किया जा रहा है। जून 2027 तक शुरू होने वाले इस सेंटर से हजारों मरीजों को नया जीवन मिलेगा।

आकाश मसने

Tata Memorial Center Navi Mumbai: ब्लड कैंसर के इलाज के लिए देश का सबसे बड़ा स्टेट-ऑफ-द-आर्ट हॉस्पिटल खारघर में टाटा मेमोरियल सेंटर के 'एडवांस्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट, रिसर्च एंड एजुकेशन इन कैंसर' एरिया में बन रहा है। करीब 370 बेड की कैपेसिटी वाले इस हॉस्पिटल के जून 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस हॉस्पिटल से ब्लड कैंसर के इलाज की कैपेसिटी काफी बढ़ जाएगी। देश में हर साल करीब 70 हजार से 1 लाख नए ब्लड कैंसर के मरीज मिलते हैं। साथ ही, कुल कैंसर मरीजों में से करीब 8 से 10 परसेंट ब्लड कैंसर से पीड़ित होते हैं।

कई गुना बढ़ जाएगी इलाज की क्षमता

'एडवांस्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट, रिसर्च एंड एजुकेशन क्लिनिकल रिसर्च सेंटर के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. नवीन खत्री ने कहा कि इस नए सेंटर से इंस्टीट्यूशन की इलाज की कैपेसिटी कई गुना बढ़ जाएगी। टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसे मॉडर्न इलाज के तरीकों से मरीजों के इलाज के नतीजों में सुधार हुआ है। लेकिन, छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में कैंसर के इलाज के लिए खास सेंटर की कमी, साथ ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की कमी और बीमारी का देर से पता चलने से कई मरीज के बचने की दर पर असर पड़ रहा है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्लड कैंसर बच्चों में होने वाला सबसे आम कैंसर है। बच्चों में होने वाले कुल कैंसर के मामलों में से करीब 30 परसेंट ब्लड कैंसर से जुड़े होते हैं। भारत में हर साल 30 हजार से ज्यादा बच्चों में यह बीमारी पाई जाती है, जबकि अभी करीब 90 हजार बच्चे इस बीमारी के साथ जी रहे हैं।

अस्पताल में कई तरह की मिलेगी सुविधाएं

नवी मुंबई स्थित यह हॉस्पिटल 14 मंजिल ऊंचा होगा और पूरी तरह से ब्लड कैंसर से पीड़ित बच्चों और बड़ों के इलाज के लिए होगा। इस हॉस्पिटल में करीब 370 बेड होंगे। इनमें से 20 खास बेड बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए रिजर्व होंगे। इसके अलावा, यहां लेटेस्ट डायग्नोस्टिक सुविधाएं, रिसर्च लैब और अलग-अलग मेडिकल रिसर्च के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा।

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