Car Mechanic Fake Police Cap Arrested: मुंबई के बांद्रा इलाके में पुलिस का फर्जी रौब दिखाकर लोगों पर धौंस जमाने वाले एक जालसाज को बांद्रा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी कोई पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि पेशे से एक कार मैकेनिक है। वह अपनी गाड़ी के फ्रंट डैशबोर्ड पर नीले रंग की पुलिस कैप रखकर खुद के पुलिसकर्मी होने का झूठा भ्रम फैलाता था और आम जनता से लेकर ट्रैफिक पुलिस तक पर धौंस जमाता था।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब बांद्रा पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस हवलदार निखिलेश हनुमंत साबले और हवलदार सांगवे डॉ. वी. रघुनाथ मार्ग पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। गश्त के दौरान उन्हें व्हाइट हाउस बिल्डिंग के सामने एक सफेद रंग की संदिग्ध कार खड़ी दिखाई दी।
कार पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी और गाड़ी के सभी शीशों पर गहरे पर्दे लगे हुए थे। जब पुलिसकर्मियों ने कार के अंदर झांककर देखा, तो उसके फ्रंट डैशबोर्ड पर नीले रंग की पुलिस कैप रखी हुई थी।
कार अंदर से पूरी तरह लॉक थी, जिस वजह से हवलदार साबले ने बांद्रा ट्रैफिक विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही शाम करीब 7:40 बजे ट्रैफिक पुलिस हवलदार अनिल कोली टोइंग वैन लेकर मौके पर पहुंचे।
जैसे ही ट्रैफिक कर्मचारियों ने बिना नंबर वाली इस कार को टो करने की कार्रवाई शुरू की, तभी एक शख्स वहां आया और ट्रैफिक पुलिस व टोइंग कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज करने लगा। बहसबाजी के दौरान कार के अंदर से एक महिला भी बाहर आई।
जब मौके पर मौजूद पुलिस ने उस व्यक्ति से डैशबोर्ड पर रखी पुलिस कैप और बिना नंबर प्लेट की गाड़ी के बारे में सख्त लहजे में पूछताछ शुरू की, तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। जब पुलिस ने कड़े अंदाज में पूछताछ की, तो उसकी सारी हेकड़ी निकल गई और सच सामने आ गया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान बांद्रा पश्चिम निवासी फहाद फरीद खान (37) के रूप में हुई है, जो पेशे से कार मैकेनिक का काम करता है। जांच के दौरान आरोपी अपनी गाड़ी का कोई भी वैध कागजात या दस्तावेज पुलिस के सामने पेश नहीं कर सका।
मुंबई पुलिस की जांच में यह साफ हुआ कि आरोपी अपनी गाड़ी पर जानबूझकर पुलिस की कैप रखता था ताकि ट्रैफिक नियमों को तोड़ सके और आम लोगों पर झूठी धौंस जमा सके। मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मुंबई पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि बरामद कार आरोपी के पास कहां से आई और क्या उसने पहले भी किसी से फर्जी पुलिस बनकर उगाही या धोखाधड़ी की है।