प्रताप सरनाइक और एकनाथ शिंदे (सोर्स-सोशल मीडिया)
मुंबई

मराठी नहीं बोली तो रद्द होगा लाइसेंस! ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए आज से नया नियम; प्रताप सरनाइक की बड़ी घोषणा

Pratap Sarnaik Marathi Rule: महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य। मराठी न बोलने पर लाइसेंस रद्द करने का नया कानून लागू हो गया है, प्रताप सरनाइक ने इसकी घोषणा की है।

अनिल सिंह

Marathi Mandatory For Auto Taxi Drivers: मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने वाले चालकों के लिए राज्य सरकार बड़ा और सख्त कदम उठाने जा रही है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने घोषणा की है कि यदि किसी भी ऑटो या टैक्सी चालक को मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान नहीं है अथवा वह धाराप्रवाह मराठी नहीं बोल सकता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

मोटर वाहन अधिनियम 1988 में संशोधन कर 'मोटर वाहन संशोधन नियम 2026' को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए शासन का फैसला (GR) जारी किया जा रहा है। मराठी सीखने के लिए चालकों को मोहलत दी गई थी उसके बाद अब उस नियम को लागू किया जा रहा है। 

1 महीने का नोटिस, फिर 3 महीने के लिए सस्पेंड होगा लाइसेंस

नए संशोधनों के अनुसार, यदि कोई चालक मराठी में संवाद करने में असमर्थ पाया जाता है, तो उसे मराठी भाषा सीखने के लिए एक महीने का अग्रिम नोटिस दिया जाएगा।

यदि एक महीने की समयावधि बीत जाने के बाद भी चालक मराठी भाषा नहीं सीख पाता है, तो उसका लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर कानून में चालक का परमिट व लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने का सख्त प्रावधान किया गया है। विधि एवं न्याय विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद परिवहन विभाग इसे सख्ती से लागू कर रहा है।

15 अगस्त तक दी गई थी मोहलत, हठधर्मिता नहीं चलेगी

एबीपी माझा से बातचीत करते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि यह 1989 का एक पुराना नियम था, जिसका अधिकारियों द्वारा कड़ाई से पालन नहीं कराया जा रहा था।

सरनाइक ने कहा, "हमने चालकों को पर्याप्त समय देते हुए 15 अगस्त तक मराठी सीखने की मोहलत दी थी। अधिकांश चालकों ने नियम का सम्मान करते हुए मराठी सीख ली है, लेकिन जो चालक 'मराठी नहीं सीखेंगे' जैसी हठधर्मिता दिखा रहे हैं, उनका लाइसेंस रद्द किया जाएगा। यात्रियों के साथ सुगम संवाद और राज्य की आधिकारिक भाषा के सम्मान के लिए यह कदम अनिवार्य है।"

फर्जी दस्तावेजों से बने लाइसेंसों की भी होगी जांच

परिवहन विभाग ने मोटर वाहन नियमों के नियम 4, 78 और 85 में महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए हैं। नए लाइसेंस जारी करने के साथ-साथ पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण के दौरान भी चालकों के मराठी भाषा ज्ञान का परीक्षण किया जाएगा।

यह कदम बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता की उस शिकायत के बाद और तेज हुआ है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कुछ बाहरी लोगों ने अवैध निवास प्रमाण पत्र बनवाकर ऑटो-टैक्सी के लाइसेंस हासिल किए हैं। सरकार ऐसे सभी मामलों की पुनर्जांच भी करा रही है।

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