

Maharashtra Adulteration MCOCA Eknath Shinde: महाराष्ट्र में दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में जहरीली मिलावट करने वाले माफियाओं के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक का सबसे कठोर कदम उठाने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दूध और दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ संगठित अपराध नियंत्रण कानून यानी 'मकोका' (MCOCA) के तहत मामला दर्ज किया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि नागरिकों, विशेषकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
यह निर्देश सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित 'विकसित महाराष्ट्र 2047' के तहत वर्ष 2026-27 के विभागीय लक्ष्यों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए।
बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करना कोई साधारण अपराध नहीं, बल्कि हत्या के प्रयास जैसा गंभीर कृत्य है। नकली पनीर और केमिकलयुक्त मिलावटी दूध के सेवन से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, इसलिए इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मिलावटखोरों के खिलाफ ऐसी गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए, ताकि वे कानून की किसी खामी का फायदा उठाकर आसानी से जमानत न पा सकें। अदालत में मामलों की मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने प्रतिष्ठित और वरिष्ठ कानून विशेषज्ञों की एक 'विशेष कानूनी टीम' गठित करने के भी निर्देश दिए हैं।
इस उच्चस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, गृह व एफडीए राज्यमंत्री योगेश कदम, कानून व न्याय राज्यमंत्री आशीष जयसवाल, अपर मुख्य सचिव असीम गुप्ता, प्रधान सचिव नवीन सोना और एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। सरकार का मानना है कि मकोका जैसी सख्त कार्रवाई से राज्य में संगठित तरीके से चल रहे नकली दूध व पनीर रैकेट पर लगाम कसी जा सकेगी।