अमृता फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

देवेंद्र फडणवीस के बचाव में उतरीं अमृता, विपक्ष पर साधा निशाना; महायुति को लेकर भी किया बड़ा दावा

Amruta Fadnavis On Opposition: देवेंद्र फडणवीस को विपक्ष द्वारा जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप अमृता फडणवीस ने लगाया। उन्होंने महायुति की एकजुटता, किसानों की मदद और राज ठाकरे के बयानों पर भी बात रखी।

गोरक्ष पोफली

Highlights

  • अमृता फडणवीस ने विपक्ष पर देवेंद्र फडणवीस को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया।

  • उन्होंने महायुति गठबंधन में पूरी तरह से स्थिरता और एकजुटता होने का दावा किया।

  • राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं के बीच व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं होनी चाहिए।

Amruta Fadnavis Accused Opposition Of Targeting Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र की राजनीति में जारी बयानों के दौर के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस अपने पति के बचाव में खुलकर सामने आई हैं। पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने विपक्ष के रवैये पर कड़ा प्रहार किया।

अमृता फडणवीस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में सूखे के हालात, पार्टी के आंतरिक मुद्दों और स्नातक चुनावों की पृष्ठभूमि में देवेंद्र फडणवीस को विरोधियों द्वारा जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि राजनीतिक लाभ लेने की नीयत से विपक्ष यह रणनीति अपना रहा है।

महायुति और सरकार की स्थिरता पर बड़ा दावा

गठबंधन में अनबन या अस्थिरता की अटकलों को खारिज करते हुए अमृता फडणवीस ने महायुति को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ताधारी दल में सब कुछ पूरी तरह से ठीक चल रहा है और मुख्यमंत्री को अस्थिर करने का कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहा है।

किसानों की मदद और चुनाव आयोग पर पक्ष

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि दिवाली पर्व के दौरान NGOs के माध्यम से या सीधे आर्थिक रूप से किसानों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार किसानों को 5,000 रुपये की सहायता प्रदान कर रही है, लेकिन किसानों को और अधिक सहायता की जरूरत है।

वहीं चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बताते हुए उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे हर प्रक्रिया में अड़ंगे लगाने की जगह जागरूक नागरिकों की तरह सहयोग करें।

वैचारिक मतभेद बनाम दुश्मनी

राजनीतिक रिश्तों पर बात करते हुए अमृता फडणवीस ने कहा कि राजनीति में अलग-अलग विचारधाराएं हो सकती हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर दुश्मनी की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हाल ही में संपन्न एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का उदाहरण दिया जहां देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर साथ आए थे। उन्होंने कहा कि उस कार्यक्रम में नेताओं के बीच हुई चुटीली बयानबाजी स्वस्थ लोकतांत्रिक संस्कृति का हिस्सा है।

राज ठाकरे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने चुटकी ली कि वे यह अच्छी तरह जानते हैं कि अपने बयानों को सुर्खियों में कैसे बनाए रखा जाता है। वहीं महिला नेतृत्व के सवाल पर उन्होंने विचार व्यक्त किया कि राजनीति में जेंडर के बजाय योग्यता के आधार पर नेतृत्व का चयन होना चाहिए।

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