Ambedkar Jayanti Chaityabhoomi Tribute: भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पी, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आज पूरा महाराष्ट्र 'जय भीम' के नारों से गुंजायमान है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुंबई के दादर स्थित डॉ. आंबेडकर के स्मारक 'चैत्यभूमि' पर राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर बाबासाहेब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंगलवार सुबह महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दादर पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और राज्य मंत्री छगन भुजबल ने भी चैत्यभूमि पर पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पूर्व राज्यपाल ने राजभवन में भी बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। चैत्यभूमि पर इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और हजारों की संख्या में अनुयायी अपने मसीहा को नमन करने पहुंचे थे।
चैत्यभूमि, दादर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान, राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। इस प्रदर्शनी में महान दूरदर्शी और भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन को दर्शाने वाली दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की गई थीं, जिसका आयोजन बृहन्मुंबई नगर निगम के जनसंपर्क विभाग द्वारा किया गया था। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर बाबासाहेब को याद करते हुए उन्हें एक महान अर्थशास्त्री और दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने लिखा भारतीय संविधान के निर्माता, विद्वान और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक डॉ. बी.आर. आंबेडकर को विनम्र श्रद्धांजलि। वे न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के लोकतांत्रिक आदर्शों के पीछे की एक मार्गदर्शक शक्ति थे।
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महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों ने इस अवसर पर कहा कि बाबासाहेब का जीवन केवल एक व्यक्ति की यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के सशक्तिकरण का मार्ग है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार बाबासाहेब के दिखाए समतावादी रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। मुंबई के साथ-साथ नागपुर के दीक्षाभूमि और बाबासाहेब से जुड़े अन्य स्थलों पर भी उत्सव का माहौल देखा गया।
हर साल की तरह इस बार भी देश के कोने-कोने से लाखों अनुयायी दादर पहुंचे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, मेडिकल कैंप और ठहरने की व्यवस्था की है। पूरे मुंबई में आज उत्सव जैसा माहौल है, जहाँ लोग नीले झंडे लेकर बाबासाहेब के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट कर रहे हैं।