स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे को सलामी देते वारिस पठान व बच्चे सोर्स: एक्स@warispathan
मुंबई

मुसलमान नहीं गा सकता वंदे मातरम! स्वतंत्रता दिवस पर AIMIM नेता वारिस पठान का BJP-RSS पर तीखा हमला

Waris Pathan On Vande Mataram: मुंबई में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण के बाद AIMIM नेता वारिस पठान ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और 'वंदे मातरम' को लेकर एक बड़ा बयान दिया।

आकाश मसने

Waris Pathan Independence Day Celebration: देशभर में स्वतंत्रता दिवस का जश्न बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर आम जनता से लेकर राजनीति, खेल और बॉलीवुड जगत की हस्तियों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। इसी क्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक वारिस पठान ने मुंबई में विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और ध्वजारोहण किया। साथ ही वंदे मातरम को लेकर बड़ा बयान दिया है।

मुंबई में मदरसों के बच्चों ने गाया राष्ट्रगान

मुंबई में आयोजित इन स्वतंत्रता दिवस समारोहों में एक सुंदर सामाजिक समरसता देखने को मिली। इन कार्यक्रमों में मदरसे के छोटे-छोटे बच्चे, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ शामिल हुए। सभी ने मिलकर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का गायन किया। इस मौके पर वारिस पठान ने कहा कि ऐसे आयोजन देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे का मजबूत संदेश देते हैं।

AIMIM नेता वारिस पठान ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई

देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए AIMIM नेता वारिस पठाने ने कहा कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा, हिंदुस्तान ज़िंदाबाद! जय हिंद! उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि हमारे देश में हमेशा शांति, आपसी सद्भाव और प्रेम बना रहे। हमारा देश दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की करे और हर क्षेत्र में आगे बढ़े।

वंदे मातरम को लेकर क्या बोले वारिस पठान?

ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान वारिस पठान ने संवैधानिक अधिकारों और 'वंदे मातरम' को लेकर मीडिया से बात करते हुए टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम 'वंदे मातरम' का दिल से सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी नागरिक को इसे गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। अपने बयान को संवैधानिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 से 28 हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने और धार्मिक स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देता है।

वारिस पठान ने कहा कि वंदे मातरम में कुछ ऐसी लाइनें हैं जो मुसलमानों के लिए सही नहीं है। ये शिर्क में आती है। हम अल्लाह की वंदना करते हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट है कि राष्ट्रगान यानी जन गण मन और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा जरूरी है। आपने देखा कि हमने तिरंगा भी फहराया और जन गण मन भी गाया। लेकिन आप वंदे मातरम के लिए किसी को मजबूर नहीं कर सकते ।

भाजपा और RSS पर वारिस पठान का तीखा हमला

इस दौरान AIMIM नेता वारिस पठान के भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग है जो जबरन लोगों में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि देश की आजादी के वक्त कितने लोगों ने वंदे मातरम गाया। आज ये लोग बिना टेलीप्रॉम्पटर के पढ़ के दिखा दे तो मैं मान जाऊंगा।

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