मुंबई की सड़कों पर ठाकरे परिवार की तीसरी पीढ़ी उतरी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन।
आदित्य, अमित और तेजस ठाकरे ने किया जोरदार विरोध।
Aaditya Thackeray Amit Thackeray Joint Protest Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक और नाटकीय मोड़ उस वक्त देखने को मिला जब मुंबई की सड़कों पर ठाकरे परिवार की तीसरी पीढ़ी एक साथ मोर्चा संभालती नजर आई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के दादर और शिवाजी पार्क इलाके में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान ठाकरे भाइयों आदित्य ठाकरे, अमित ठाकरे और तेजस ठाकरे ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया।
दादर में रविवार को स्थिति उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की धरपकड़ शुरू कर दी। एक तरफ मनसे नेता अमित ठाकरे पैदल मार्च करते हुए प्रदर्शन स्थल यानी शिवाजी पार्क की ओर बढ़ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ शिवसेना भवन के बाहर विधायक आदित्य ठाकरे और उनके छोटे भाई तेजस ठाकरे सड़क पर ही ठिय्या देकर बैठ गए।
जब पुलिस ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को अपनी गाड़ियों में भरकर ले जाना शुरू किया, तो आदित्य ठाकरे बेहद आक्रामक रूप में नजर आए। वे सीधे पुलिस वैन के ऊपर चढ़ गए और वैन को आगे बढ़ने से रोक दिया।
आदित्य ठाकरे ने जमकर नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन पर हमला बोला और चेतावनी दी कि जब तक हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे वैन के ऊपर से नहीं हटेंगे।
घटनाक्रम आगे बढ़ते हुए शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर तक पहुंच गया, जहां आदित्य ठाकरे, अमित ठाकरे और तेजस ठाकरे तीनों भाई एक साथ इकट्ठा हुए। पुलिस स्टेशन के बाहर भारी भीड़ को देखते हुए आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे एक गाड़ी पर चढ़ गए और जनता व कार्यकर्ताओं को संयुक्त रूप से संबोधित किया। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की।
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में जब यह चर्चा चल रही थी कि शिवसेना में विभाजन के बाद ठाकरे परिवार राजनीतिक रूप से कमजोर पड़ रहा है, तब मुंबई की सड़कों पर हुए इस अभूतपूर्व प्रदर्शन ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। तीनों भाइयों के इस कड़े रुख और आक्रामक तेवरों ने न केवल कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया, बल्कि मुंबई की राजनीति में ठाकरे ब्रांड के प्रभाव का एक बार फिर लोहा मनवा लिया।