महाराष्ट्र में गंभीर सूखा और लंदन में मौज कर रहे सरकारी अधिकारी? आदित्य ठाकरे का गंभीर सवाल, उदय सामंत को घेरा

Government Officials London Visit: सूखे के बीच अधिकारियों के लंदन दौरे पर आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार और उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत को घेरा है। करदाताओं के 5 करोड़ रुपये खर्च करने पर उठाए सवाल।
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आदित्य ठाकरे और उदय सामंत(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Aaditya Thackeray Questions Uday Samant: महाराष्ट्र एक तरफ जहां गंभीर सूखे की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ उद्योग विभाग के अधिकारियों के लंदन दौरे को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए राज्य सरकार और उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने सवाल उठाया है कि जब राज्य का एक बड़ा हिस्सा सूखे से जूझ रहा है, ऐसे समय में करदाताओं के करोड़ों रुपये खर्च करके सरकारी प्रतिनिधिमंडल को विदेश भेजने की क्या आवश्यकता थी?

करदाताओं के 5 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप

आदित्य ठाकरे ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि महाराष्ट्र इस समय गंभीर सूखे का सामना कर रहा है। इसके बावजूद उद्योग मंत्री के विभाग के अधिकारी एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए लंदन गए हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस विदेश दौरे पर जनता यानी करदाताओं के 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। ठाकरे ने सवाल उठाया कि हालांकि उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने अंतिम समय में इस प्रतिनिधिमंडल के साथ जाना रद्द कर दिया, फिर भी बाकी समूह के लंदन जाने की क्या वजह थी? उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को इस तरह के सरकारी खर्च पर विदेश जाने की इजाजत आखिर कैसे दी?

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लंदन दौरे के बजाय जिलों में पानी का प्रबंधन करें अधिकारी

आदित्य ठाकरे ने आगाह किया कि सूखे के इस संकट से राज्य के उद्योग भी बेहद गंभीर रूप से प्रभावित होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सुपर अल नीनो के इस दौर में अधिकारियों को करदाताओं के पैसे पर लंदन में सरकारी दौरे का आनंद लेने के बजाय महाराष्ट्र के एक-एक जिले का दौरा करना चाहिए था। अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी यह होनी चाहिए थी कि वे जमीन पर जाकर बिजली और पानी के बेहतर प्रबंधन और आपूर्ति व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए काम करें।

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प्रशासन की प्राथमिकताओं पर उठते सवाल

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सरकारी धन के उपयोग और प्रशासन की प्राथमिकताओं को लेकर विवाद गहरा गया है। जब राज्य का आम वर्ग और उद्योग, पानी तथा बिजली की किल्लत की आशंका से परेशान हैं, उस वक्त अधिकारियों के 5 करोड़ रुपये से अधिक के लंदन सम्मेलन में शामिल होने पर सवाल उठ रहे हैं। उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत और राज्य सरकार की ओर से इस मामले पर आने वाली प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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