Congress Suspends Sahebrao Kamble And Shailesh Agrawal: महाराष्ट्र MLC Election 2026 के नामांकन वापसी के नाटकीय घटनाक्रम के बाद कांग्रेस पार्टी ने अनुशासनहीनता और विश्वासघात के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने नेतृत्व को अंधेरे में रखकर नामांकन वापस लेने वाले दो उम्मीदवारों, साहेबराव कांबले और शैलेश अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी है।
विधान परिषद की कुल 9 सीटों में से 6 पर कांग्रेस को चुनाव से पहले ही करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। सोलापुर में उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने के अलावा, बाकी पांच सीटों पर उम्मीदवारों ने अचानक अपने नाम वापस ले लिए, जिससे पार्टी की चुनावी रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब कांग्रेस केवल तीन सीटों नागपुर (अतुल लोंढे), अमरावती (हर्षदीप देशमुख) और धाराशिव-लातूर (महेश देशमुख) पर ही चुनाव लड़ रही है।
यवतमाल से कांग्रेस उम्मीदवार साहेबराव कांबले ने संख्याबल की कमी का बहाना बनाकर अपना पर्चा वापस ले लिया, जिससे शिंदे गुट की शिवसेना के उम्मीदवार दुष्यंत चतुर्वेदी की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया। वहीं, सबसे चौंकाने वाला मामला वर्धा/चंद्रपुर सीट पर सामने आया, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के करीबी माने जाने वाले शैलेश अग्रवाल ने पार्टी की पीठ में खंजर घोंपते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। अग्रवाल के इस कदम से बीजेपी उम्मीदवार की राह बेहद आसान हो गई है।
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सूत्रों और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि इन उम्मीदवारों का ऐन वक्त पर पीछे हटना किसी बड़े अर्थकारण या वित्तीय लेनदेन का हिस्सा है। आरोप लग रहे हैं कि बीजेपी के साथ सांठगांठ कर करोड़ों रुपये की डील के तहत यह चुनावी दगाबाजी की गई है। कांग्रेस ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए न केवल निष्कासन की कार्रवाई की है, बल्कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं। अब महाराष्ट्र की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन बागियों का अगला कदम क्या होगा।