Mira Bhayandar Municipal Corporation News: महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष मुकेश सारवान ने मंगलवार को मीरा-भाईंदर महानगरपालिका मुख्यालय का दौरा कर सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। आयुक्त राधाबिनोद ए. शर्मा की मौजूदगी में हुई बैठक में कर्मचारियों के अधिकार, कल्याणकारी योजनाएं, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और लंबित मामलों पर चर्चा हुई।
बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान और कार्य परिस्थितियों में सुधार पर जोर दिया गया। साथ ही, 22 अक्टूबर 2008 के शासन निर्णय के तहत डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य योजना की समीक्षा की गई, जिसमें 25 वर्ष सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को निःशुल्क फ्लैट देने का प्रावधान है।
इसके अलावा, सीवर में कार्य के दौरान मृत या घायल कर्मचारियों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तथा उत्तराधिकार अधिकारों और रिक्त पदों से जुड़े लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश दिए गए। मुकेश सारवान ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और सरकारी योजनाओं का पारदर्शी व प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
श्रमजीवी कामगार यूनियन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर सफाई आयोग को ज्ञापन सौंपने हेतु मनपा मुख्यालय पर एकत्र हुए, लेकिन मुख्यालय के सुरक्षा रक्षकों ने उन्हें प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया और मुख्य दरवाज़ा बंद कर दिया। इसके विरोध में श्रमजीवी कामगार यूनियन के सदस्यों ने मुख्यालय के द्वारा पर बैठ कर मनपा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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सफाई कामगारों के प्रदर्शन के दौरान मनपा परिवहन बस की चपेट में आशा नाम की महिला सफाईकर्मी आ गई। जिसमें उसका दाहिना पैर बस के टायर के नीचे आकर बुरी तरह कुचल गया। आशा को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। श्रमजीवी कामगार संगठन के मनपा क्षेत्र के अध्यक्ष मंगेश दत्ताराम मोटे ने आरोप लगाया है कि बस ड्राइवर शराब के नशे में धुत्त था। संगठन के सदस्यों ने संबंधित ड्राइवर के खिलाफ भाईंदर पुलिस में मामला दर्ज करने की मांग की है।