नरेंद्र पाटिल 
महाराष्ट्र

पिछली बार तकनीकी कारण थे, इस बार सरकार ने मराठा समाज को न्याय दिया: नरेंद्र पाटिल

Maratha Reservation: सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण देने का फैसला किया है। पिछली बार तकनीकी कारण थे, लेकिन इस बार सभी प्रक्रियाएं पूरी की गई हैं और दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर हुए हैं।

अर्पित शुक्ला

Nasik News: मराठा आरक्षण के लिए नवी मुंबई और मुंबई में हुए आंदोलनों में बहुत बड़ा अंतर है। तब कागजों पर हस्ताक्षर नहीं हुए थे, लेकिन इस बार उपसमिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने कागजों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कागज सभी के मोबाइल फोन पर आया है। क्या आपके पास नवी मुंबई का कागज है? यह सवाल अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल के अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल ने उठाया। महायुति सरकार द्वारा मराठा समाज को आरक्षण देने के निर्णय के बाद नरेंद्र पाटील ने सप्तश्रृंगी गढ़ के दर्शन किए और फिर मीडिया से बातचीत की।

जब उनसे पूछा गया कि क्या मराठा आरक्षण का फैसला लेते समय मंत्री छगन भुजबल को विश्वास में लिया गया था, तो उन्होंने इस पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछली बार नवी मुंबई में आंदोलन के दौरान कुछ तकनीकी कारण रहे होंगे, जिसकी उन्हें जानकारी नहीं है। लेकिन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार तीनों मिलकर मराठा समाज को न्याय दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

पाटील ने यह भी जोड़ा कि 'तब क्या हुआ और अब क्या हुआ' की तुलना में, इन तीनों नेताओं ने मराठवाड़ा के मराठा समाज को न्याय दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि महायुति के तीनों दलों को विश्वास में लेकर ही सरकारी अध्यादेश जारी किया गया है।

ओबीसी की शंकाओं का होगा समाधान

नरेंद्र पाटील ने कहा कि फडणवीस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है। अब ओबीसी के लिए एक अलग मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया है, जिससे उनकी शंकाओं का समाधान होगा और उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके द्वारा सरकारी अध्यादेश फाड़ने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। पाटील ने कहा कि हाके की यह कार्रवाई जातियों के बीच विवाद पैदा करने जैसी है, और इसे नजरअंदाज किया जाना चाहिए। सरकारी अध्यादेश में बदलाव के लिए एक अध्ययन समूह है। पाटील ने यह भी सवाल किया कि हाके को इतनी जल्दी अध्यादेश कैसे याद हो गया।

अण्णासाहेब पाटील महामंडल से मराठा उद्यमियों को मिला लाभ

पाटील ने यह भी बताया कि सतारा गजेट का भी अध्ययन किया जाएगा और उससे उचित बातें सामने आएंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा मराठा समाज के लिए चलाई गई विभिन्न योजनाओं और पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल के माध्यम से आज महाराष्ट्र में डेढ़ लाख मराठा उद्यमी तैयार हुए हैं।

बैंकों ने उन्हें 13 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया है। महामंडल ने ब्याज प्रतिपूर्ति के रूप में 1200 करोड़ रुपये दिए हैं, इसका उदाहरण भी उन्होंने दिया।

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