महिला डॉक्टर को नियुक्ति पत्र देते एकनाथ शिंदे (फोटो नवभारत)
महाराष्ट्र

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर? महाराष्ट्र में 1,440 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती

Maharashtra Medical Officers Appointment: सरकारी अस्पतालों में 1,440 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। इनमें 674 विशेषज्ञ और 766 MBBS डॉक्टर शामिल हैं, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

सूर्यप्रकाश मिश्र, आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • करीब 700 महिला डॉक्टर भी नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों में शामिल।

  • कुल 2,514 स्वीकृत पदों में से 1,440 पर भर्ती प्रक्रिया पूरी।

  • भर्ती का विज्ञापन 27 फरवरी 2026 को जारी हुआ था।

  • एकनाथ शिंदे ने डॉक्टरों से मरीजों का विश्वास जीतने की अपील की।

1440 Medical Officers Appointment In Maharashtra: राज्य के सरकारी अस्पतालों में 1,440 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है । इनमें 674 विशेषज्ञ डॉक्टर और 766 एमबीबीएस डॉक्टर शामिल हैं। इन नियुक्तियों से ग्रामीण, दुर्गम, पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

नियुक्ति समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य में 1440 नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों के शामिल होने से सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। इनमें करीब 700 महिला डॉक्टर हैं। नियुक्ति आदेश वितरण समारोह में उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों का विश्वास जीतने और सेवाभाव से काम करने की अपील की।

डॉक्टरों को हर साल पुरस्कार

एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार डॉक्टरों को बेहतर आवास, दवाइयां और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को हर साल पुरस्कार देने का सुझाव भी दिया।

महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से महाराष्ट्र मेडिकल एवं हेल्थ सर्विस ग्रुप-ए (एस-20) संवर्ग के तहत इन डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए बुधवार को विशेष समारोह आयोजित किया गया है। इस अवसर पर डीसीएम शिंदे, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस भर्ती प्रक्रिया के लिए 27 फरवरी 2026 को विज्ञापन जारी किया गया था। चिकित्सा अधिकारी संवर्ग के कुल 2,514 पदों में से 1,440 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी की गई है।

ग्रामीण अस्पतालों में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं

इन नियुक्तियों का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलने की संभावना है। अब तक कई सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, ग्रामीण अस्पतालों, उपजिला अस्पतालों और जिला अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

आपातकालीन सेवाओं को भी मिलेगा लाभ

डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से दुर्घटना, प्रसव, सर्पदंश, संक्रामक बीमारियों और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा गंभीर और गैर-संक्रामक बीमारियों के निदान एवं इलाज की सुविधाओं में भी सुधार की उम्मीद है।

डॉक्टरों की कमी दूर होने से पहले से कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों पर काम का दबाव भी कम होगा। अस्पतालों के ओपीडी, आईपीडी और आपातकालीन विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने में इन नियुक्तियों की अहम भूमिका हो सकती है।

सेवाभाव से काम करें नवनियुक्त डॉक्टर

महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि गरीब, जरूरतमंद और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनके नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना महाराष्ट्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से सेवाभाव और मरीज केंद्रित दृष्टिकोण के साथ काम करने की अपील की।

Explainer: कब-कब विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री? 10 बयानों पर हुआ विरोध, कई बार मांगनी पड़ी माफी

BIG BREAKING: अग्निवीरों को सेना का दीपावली गिफ्ट, बोनस में मिला दो साल का एक्सटेंशन

मोदी के दोस्त को अमेरिका में मिली शिकस्त, रोहित पवार का तीखा हमला, बोले- 2029 में भारत में भी बदलेगी सरकार

Solar: देश के 65% सोलर कृषि पंप अकेले महाराष्ट्र में, मार्च 2027 तक 100% पंपों को दिन में मिलेगी बिजली

Bihar: निर्दलीय जीते, BJP में गए और अब संकट में कुर्सी! बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज पर क्यों मंडराया खतरा?