यवतमाल में एटीएस की छापेमारी (सोर्स: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में फुटबॉल क्लबों की आड़ में चल रहा कट्टरपंथ का खतरनाक खेल, युवाओं का कर रहे ब्रेनवॉश

Maharashtra ATS Raid: महाराष्ट्र एटीएस ने यवतमाल और अहिल्यानगर में छापेमारी कर एक ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो फुटबॉल क्लबों के जरिए मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेल रहा था।

आकाश मसने

Maharashtra Football Club Radicalisation News: महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) ने राज्य के दो प्रमुख जिलों, यवतमाल और अहिल्यानगर (अहमदनगर) में एक बड़े और संदिग्ध कट्टरपंथ नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस नेटवर्क ने स्थानीय फुटबॉल क्लबों को अपना 'हंटिंग ग्राउंड' बना लिया था। एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क उन निर्दोष मुस्लिम युवाओं को अपना निशाना बना रहा था जिनकी खेल, विशेषकर फुटबॉल में गहरी रुचि थी।

फुटबॉल क्लबों को बनाया गया माध्यम

एटीएस की जांच के अनुसार, यवतमाल का पुसाद क्षेत्र फुटबॉल के प्रति युवाओं के आकर्षण के लिए जाना जाता है। यहां कई स्थानीय फुटबॉल क्लब सक्रिय हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मुस्लिम किशोर और बच्चे खेलने आते हैं। संदिग्ध नेटवर्क इन खेल मंचों का उपयोग उन लड़कों की पहचान करने के लिए करता था जो सक्रिय थे और जिन्हें आसानी से प्रभावित किया जा सकता था। अधिकारियों को संदेह है कि इन युवाओं की पहचान करने के बाद, उन्हें धीरे-धीरे कट्टरपंथी विचारधारा की ओर धकेला जाता था।

21 स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद, एटीएस ने इस सप्ताह की शुरुआत में 21 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। तलाशी अभियान के दौरान जांचकर्ताओं ने अहिल्यानगर से तलवारें, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सीसीटीवी फुटेज और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे लैपटॉप और मोबाइल) का अब बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि इस नेटवर्क की गहराई और इसके पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके।

महाराष्ट्र से बाहर भेजे गए युवा

सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे चिंताजनक बात यह है कि जांच में कुछ लड़कों को महाराष्ट्र से बाहर भेजने के प्रमाण मिले हैं। यह इस बात का संकेत है कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर पर ही सक्रिय नहीं था, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। सीसीटीवी फुटेज के जरिए एटीएस अब संदिग्धों की आवाजाही और उनकी गुप्त बैठकों के पूरे जाल को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल, एटीएस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक केस (FIR) दर्ज नहीं किया गया है। जब्त किए गए सबूतों और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई महाराष्ट्र में सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह खेल के मैदानों का उपयोग करके युवाओं के ब्रेनवॉश किए जाने के एक नए पैटर्न को उजागर करती है।

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