लातूर जिले के सकोल गांव में 2023 में खेत के रास्ते को लेकर विवाद हुआ था।
मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे भगवान डोंगरे के सिर पर पत्थर लगा था।
इलाज के दौरान भगवान डोंगरे की मौत हो गई थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.बी. पवार ने संग्राम माणिक डोंगरे को दोषी ठहराया।
अदालत ने 7 साल की सश्रम कैद और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
Latur District Court Convicts Sangram Dongre imprisonment: लातूर जिले के सकोल गांव में खेत तक जाने के रास्ते को लेकर हुए विवाद में मारपीट के दौरान भगवान डोंगरे की मौत हो गई थी। इस मामले में अदालत ने संग्राम माणिक डोंगरे को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए सात साल की सश्रम कैद और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
लातूर (महाराष्ट्र), खेत तक जाने के रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और फिर मौत का कारण बन गया। इस मामले में लातूर जिले की अदालत ने गैर-इरादतन हत्या के दोषी संग्राम माणिक डोंगरे को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.बी. पवार ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। मामला वर्ष 2023 में जिले के सकोल गांव में दो परिवारों के बीच खेत तक जाने वाले रास्ते को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है।
पुलिस विज्ञप्ति के मुताबिक, विवाद सुलझाने के लिए 1 फरवरी 2023 को दोनों पक्षों के बीच बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। इसके बाद शिकायतकर्ता शिवलिंग डोंगरे जब मोटरसाइकिल से गांव की ओर जा रहे थे, तब आरोपी विशाल डोंगरे ने संग्राम डोंगरे के खेत के पास अपने दोपहिया वाहन से उनकी मोटरसाइकिल को कथित तौर पर टक्कर मार दी।
शिवलिंग के सड़क पर गिरने के बाद उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। इसी दौरान संग्राम डोंगरे ने कथित तौर पर उन पर पत्थर फेंका, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई।
पुलिस के अनुसार, शिवलिंग डोंगरे के चाचा भगवान डोंगरे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इस दौरान उन पर भी हमला किया गया। आरोप है कि संग्राम डोंगरे की ओर से फेंका गया पत्थर भगवान डोंगरे के सिर पर लगा। गंभीर रूप से घायल भगवान डोंगरे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मामले की जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने संग्राम माणिक डोंगरे को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-2 के तहत गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने उसे सात साल के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।