Petrol Diesel Price In Maharashtra: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारतीय परिवारों पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को पेट्राेल डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई। पिछले 11 के भीतर यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा किया गया है। इसका असर महाराष्ट्र में भी देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच पेट्रोल के दाम 112 रुपए प्रति लीटर से अधिक हो गए है।
महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर बढ़ता जा रहा है। राज्य के कई शहरों में पेट्रोल 112 से 113 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है।
मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपए और डीजल 97.83 प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि पुणे में पेट्रोल 111.71 रुपए और डीजल 98.37 रुपए है। नागपुर में पेट्रोल की कीमत 112.10 रुपए तो डीजल 98.78 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं नासिक, अहिल्यानगर और जालना जैसे शहरों में भी ईंधन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। छत्रपति संभाजीनगर में पेट्रोल 113 और डीजल 99.62 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया, जबकि जालना में डीजल 99.87 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। लातूर और सिंधुदुर्ग जैसे जिलों में पेट्रोल के दाम 113 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बने हुए हैं, जिससे परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यह आंकड़े goodreturns वेबसाइट से लिए गए हैं।
| जिला/शहर | पेट्रोल (रुपए/लीटर) | डीजल (रुपए/लीटर) |
|---|---|---|
| मुंबई | 111.18 | 97.83 |
| पुणे | 111.71 | 98.37 |
| नागपुर | 112.10 | 98.78 |
| नासिक | 112.06 | 98.66 |
| छत्रपति संभाजीनगर | 113.00 | 99.62 |
| अहिल्यानगर | 112.12 | 98.77 |
| जालना | 113.21 | 99.87 |
| लातूर | 113 | 99.52 |
| सिंधुदुर्ग | 113.17 | 99.84 |
ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। इस संघर्ष ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की स्थिति पैदा कर दी है। इसकी वहज से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं, जिसका भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर सीधा असर पड़ रहा है। ONGC की निदेशक सुषमा रावत के अनुसार, कीमतों में यह उतार-चढ़ाव तब तक जारी रहने की संभावना है, जब तक इस क्षेत्र में शांति समझौते की कोई स्पष्ट उम्मीद नजर नहीं आती।