गोंदिया विदर्भ को विकसित क्षेत्र बनाने की चर्चा सोर्स-सोशल मीडिया
गोंदिया

विकसित विदर्भ का सपना कैसे होगा पूरा? जानिए कृषि, रोजगार और उद्योगों के बड़े रोडमैप पर विशेषज्ञों की राय

Vidarbha Development Plan: विदर्भ के विकास के लिए कृषि, सिंचाई, स्थानीय उद्योग और रोजगार सृजन आवश्यक हैं। जानिए विशेषज्ञों की राय और धान परिवहन के लिए स्वीकृत 328 करोड़ के बजट की पूरी रिपोर्ट।

प्रमोद यादव

Expert Opinions On Viksit Vidarbha Plan: गोंदिया विदर्भ को विकसित क्षेत्र बनाने की चर्चा लंबे समय से होती रही है, लेकिन विकास की वास्तविक तस्वीर तभी बदलेगी जब स्थानीय जरूरतों के अनुरूप ठोस योजनाएं जमीन पर उतरें। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, सीमित औद्योगिकीकरण, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन, सिंचाई सुविधाओं की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां आज भी विदर्भ के सामने हैं।

ऐसे में सवाल है कि आखिर कैसा हो विकसित विदर्भ, विदर्भ के विकास के लिए कृषि के साथ उद्योगों को बढ़ावा देना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना, सिंचाई परियोजनाओं को गति देना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा सड़क और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।

युवाओं को मिले स्थानीय रोजगार

शिक्षित युवाओं के रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन रोकना विकसित विदर्भ की बड़ी चुनौती है। औद्योगिक क्लस्टर, IT व सेवा क्षेत्र, कौशल विकास केंद्र तथा स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते है।

गोंदिया विदर्भ के किसान को केवल कर्जमाफी या राहत पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, खेत तक नियमित पानी, अच्छी सड़क, भंडारण सुविधा और फसल का उचित दाम मिले तो किसान आत्मनिर्भर बन सकता है।

जगदंबा जुट इंडस्ट्रीज के संचालक- सुनील अग्रवाल

विदर्भ में कृषि, वन व खनिज आधारित कच्चा माल उपलब्ध है। इसी आधार पर फूड प्रोसेसिंग, राइस मिलिंग, बांस, वन उपज और अन्य उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाए तो बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो सकता है।
हुकुमचंद अग्रवाल, अध्यक्ष, MIDC एसोसिएशन

प्रावधान को मंजूरी

उद्योगपति सुमित लोकेशकुमार भालोटिया ने कहा कि खाद्य व नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा मिनिमम सपोर्ट प्राइस स्कीम के तहत 2024-25 सीजन में खरीदे गए धान और मोटे अनाज के ट्रांसपोर्टेशन खर्च के लिए 328 करोड़ 47 लाख रुपए के प्रावधान को मंजूरी दी गई है।

विदर्भ में बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। बारिश पर निर्भरता कम करने के लिए सिंचाई परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, नहरों का विस्तार करना तथा सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना आवश्यक है। कृषि उपज के लिए प्रसंस्करण उद्योग और बेहतर बाजार व्यवस्था उपलब्ध होने से किसानों की आय में भी वृद्धि हो सकती है।
अशोक सी. अग्रवाल, अध्यक्ष, राइस मिलर्स एसोसिएशन

Cyclone Arnab Update: 150 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएं, अब इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

MLC Election Results Live: सभी सीटों के परिणाम जारी, यहां देखें पूरी लिस्ट; दो सीटों पर फंसा पेच

6,337 वाली दवा अब 1,495 में मिलेगी, कैंसर की किन दवाओं के कितने घटे दाम? देखें लिस्ट

BIG BREAKING: CJP ने दिया कांग्रेस के 1 नवंबर की महारैली को समर्थन, अभिजीत दिपके ने किया ऐलान

Seva First Innovation: महाराष्ट्र में इनोवेशन चैलेंज की धूम, 7,952 नए विचार पेश; 30 अक्टूबर तक करें आवेदन