गोंदिया में संकरी सड़क पर यातायात बेहाल प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
गोंदिया

गोंदिया की संकरी सड़कों पर बेकाबू रफ्तार बनी जानलेवा, 7 महीनों में 215 हादसे, 124 लोगों ने गंवाई जान

Gondia Traffic Problems: गोंदिया में संकरी सड़कों, अतिक्रमण और तेज रफ्तार वाहनों से यातायात बेहाल है। पिछले सात महीनों में 215 सड़क दुर्घटनाओं में 124 लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रमोद यादव

Gondia City Traffic Problems Road Accidents: गोंदिया शहर में संकरी सड़कें, बढ़ता अतिक्रमण और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यातायात व्यवस्था पहले ही चरमरा गई है। ऐसे में भारी वाहनों, तेज रफ्तार बसों और अन्य चारपहिया वाहनों के चालकों की मनमानी से नागरिक परेशान हैं।

यातायात विभाग के साथ ही बस डिपो प्रबंधन को भी चालकों को गति नियंत्रण और सुरक्षित वाहन चलाने के संबंध में सख्त निर्देश देने की जरूरत है। शहर की सड़कों पर जगह-जगह अनियंत्रित यातायात दिखाई देता है। इसमें एसटी बसों की तेज रफ्तार भी समस्या बढ़ा रही है। शहर के साथ ही बाहरी मार्गों पर भी बसें तेज गति से दौड़ती नजर आती हैं।

जल्द पहुंचने की होड़ में चालक कई बार आसपास चल रहे वाहनों की सुरक्षा की परवाह किए बिना ओवरटेक करने का प्रयास करते हैं। अचानक सामने कोई वाहन आने पर बस या अन्य वाहन पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में कई बार दुर्घटनाएं होती हैं।

गोंदिया रास्ते छोटे, यातायात ज्यादा

अनियंत्रित यातायात का सबसे अधिक असर वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ता है। 'रास्ते छोटे, यातायात ज्यादा' जैसी स्थिति के कारण वाहन चालकों को भी काफी परेशानी होती है। भारी वाहनों के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है। यातायात विभाग द्वारा नियमों का कड़ाई से पालन कराने के साथ ही वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है।

बस स्टैंड पर भी यातायात बेहाल

बस स्टैंड पर बसों के आने-जाने के दौरान भी कई बार गति पर नियंत्रण नहीं रहता। इससे दोपहिया वाहन चालकों के बस की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। वाहनों को निकालने की कोशिश में छोटी-बड़ी गाड़ियां एक-दूसरे - से टकराती हैं। बस स्टैंड में हमेशा भीड़भाड़ रहती है और यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त दिखाई देती है। पुल से तेज गति से उतरने वाले वाहन भी हादसे का कारण बन रहे हैं।

यातायात नियमों का पालन और सावधानी बरतने से दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है। सुरक्षित यातायात के लिए यातायात विभाग की ओर से लगातार जनजागरण किया जाता है। वाहन हमेशा नियंत्रण में चलाएं, सीट बेल्ट और हेलमेट का इस्तेमाल करें। अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें।
नागेश भास्कर, पुलिस निरीक्षक, जिला यातायात शाखा, गोंदिया

रफ्तार पर नियंत्रण जरूरी

गोंदिया शहर में संकरी सड़कों पर भी कई वाहन चालक गति कम नहीं करते। दो माह पूर्व गंगाझरी में भीड़भाड़ वाले स्थान पर तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने धापेवाड़ा निवासी तीन युवकों की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी थी।

इस हादसे में तीनों युवकों की मौत हो गई थी। जिले में ऐसी कई दुर्घटनाएं लगातार सामने आ रही है। पिछले सात महीनों में जिले में 215 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 124 लोगों की जान चली गई। तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाना और हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करना हादसों के प्रमुख कारणों के रूप में सामने आए हैं।

इस्लाम में बुर्का नहीं, पर्दा जरूरी! इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब फैसले पर प्यारे खान का बड़ा बयान

अखिलेश के दावे इमरान मसूद का जवाब, बोले- राहुल गांधी और BJP के बीच असली लड़ाई, बाकी सब सहयोगी

जापान दौरे पर पीयूष गोयल का मेगा निवेश मिशन, टोयोटा-SMBC समेत दिग्गज कंपनियों से भारत में निवेश पर बड़ी चर्चा

Explainer: जिनपिंग के भारत आने पर क्यों छाया सस्पेंस? पहले भी दे चुके हैं धोखा, इस बार क्या है बीजिंग का इरादा

JPSC भर्ती घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा! 12 लाख में बिकती थीं CDPO सीटें, CID के सामने अभय तिवारी का कबूलनामा