Gondia Health Department: बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारी का प्रकोप देखा जाता है। अधिकांश संक्रामक बीमारियां पेयजल के स्त्रोतों से होती है। जैसे कि दूषित पानी, जलापूर्ति की पाइप लाइन लीकेज होना। जिसे देखते हुए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण पंचायत समिति प्रशासन द्वारा सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश के पूर्व ग्रामीण क्षेत्र के सार्वजनिक पेयजल के जलस्त्रोतों का शुद्धिकरण तथा दुरुस्ती करें।
जिससे बारिश के मौसम में संक्रामण रोग से बचा जा सके। यदि लापरवाही या अनदेखी की गई और जलजन्य बीमारी, संक्रामक रोग का फैलाव हुआ तो इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायत के अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसा पत्र जिले की सभी ग्राम पंचायतों को दिया गया है।
इस संदर्भ में जानकारी दी गई कि बारिश के दौरान संक्रामक बीमारी से बचने के लिए ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले सभी सार्वजनिक पेयजल के स्त्रोत जैसे कि कुआं, बोरवेल, नल जलापूर्ति योजना सभी स्त्रोतों को स्वच्छ किया जाए। प्रतिबंधात्मक उपाय पर विशेष जोर जलापूर्ति की पानी की टंकी, सोलर पंप की टंकियों की सफाई कर उन्हें सूखने दें।
ये भी पढ़े: Kanjurmarg Dumping Ground की दुर्गंध पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नाराजगी, कहा- मानकों का सख्ती से हो पालन
जलापूर्ति पाइप लाइन के लीकेज की मरम्मत करने, जल शुद्धिकरण के लिए ब्लीचिंग पावडर भरपूर प्रमाण में उपलब्ध कराने। ऐसे विभिन्न प्रतिबंधात्मक उपाय योजना करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि इसके बावजूद भी संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम पंचायत अधिकारियों ने अनदेखी या लापरवाही बरती और पानी से जलजन्य या संक्रमण बीमारी का फैलाव होता है तो संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा।