फसल बुआई प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)  
गोंदिया

गोंदिया में मानसून की देरी से किसान परेशा; अब तक केवल 1,252 हेक्टेयर पर धान की रोपाई

Gondia Monsoon: गोंदिया जिले में इस साल 1.68 लाख हेक्टेयर में धान की खेती का अनुमान है, लेकिन अब तक केवल 1,252 हेक्टेयर पर रोपाई पूरी हो सकी है। पर्याप्त मानसूनी बारिश न होने से किसान परेशान हैं।

केतकी मोडक

Gondia Paddy Sowing Status: कृषि विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गोंदिया जिले में अब तक 5 हजार 442 हेक्टेयर में धान की नर्सरी लगाई गई है तथा 1 हजार 252 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि अभी भी कुछ इलाकों में धान की रोपाई के लायक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिससे रोपाई के काम में अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी है।

कृषि विभाग का अनुमान है कि इस वर्ष गोंदिया जिले में कुल 1 लाख 68 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल की खेती की जाएगी। इसमें से 4 हजार 735 हेक्टेयर क्षेत्र में 'आवत्या' (धान की सीधी बुआई) डाला गया है। यह देखा गया है कि पारंपरिक रोपाई का खर्च ज्यादा होने के कारण कुछ गरीब किसान आवत्या पद्धति को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुख्य रूप से गोंदिया, तिरोड़ा, आमगांव व सालेकसा में धान की खेती में बड़े पैमाने पर आवत्या डाला गया है।

गोंदिया जिले में अब तक जिन किसानों ने नर्सरी तैयार कर ली थी, उन्होंने पिछले 7-8 दिनों से धान की रोपाई का काम शुरू कर दिया है। हालांकि, कुछ इलाकों में अपेक्षित बारिश नहीं होने के कारण अभी भी काम अटका हुआ है। जिन इलाकों में पर्याप्त बारिश हुई है, वहां रोपाई का काम तेज कर दिया गया है।

कृषि विभाग के अनुसार, वर्तमान में प्रत्येक तहसील में लगभग 5 से 10 प्रतिशत ही रोपाई का कार्य पूरा हो पाया है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से स्थानीय तालाब और बोडियां आधी भी नहीं भर पाई हैं। धान की भरपूर पैदावार के लिए तालाबों व नदियों का पानी से भरा होना बेहद जरूरी है, ऐसे में किसान अभी भी भारी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

41.44 हेक्टेयर में मक्के की खेती

जिले की जलवायु, वर्षा और मिट्टी मक्के की फसल के लिए अनुकूल होने के कारण यहां मक्के की पैदावार अच्छी होती है। क्योंकि कम लागत पर मक्का का उत्पादन संभव है, इसलिए कुछ किसान मक्के की फसल की खेती कर रहे हैं। इस वर्ष खरीदी केंद्रों पर मक्का की खरीदी की गई। इसलिए मक्के की अच्छी कीमत मिलने के कारण किसानों ने मक्के की फसल की खेती की ओर रुख किया है। इस वर्ष खरीफ सीजन में करीब 41.44 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्के की खेती की गई है।

312 हेक्टेयर में अरहर की बुआई

कृषि विभाग के अनुसार, गोंदिया जिले में अब तक कुल 312 हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर (तुअर) की बुआई की गई है। इसमें अर्जुनी मोरगांव में 138 हेक्टेयर, गोंदिया में 87 हेक्टेयर, गोरेगांव में 28.1 हेक्टेयर, तिरोड़ा में 29 हेक्टेयर, देवरी में 6.9 हेक्टेयर, आमगांव में 4.2 हेक्टेयर व सड़क अर्जुनी तहसील में 18।4 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। कृषि विभाग ने किसानों से मौसम की स्थिति को देखते हुए वैज्ञानिक सलाह के अनुसार बुआई कार्य करने तथा प्रमाणित बीजों और सही उर्वरकों का ही उपयोग करने की अपील की है।

तहसीलवार की गई धान रोपाई :

तहसील हेक्टेयर क्षेत्र
अर्जुनी मोरगांव 357.8 हेक्टे।
गोंदिया 264.4 हेक्टे।
तिरोड़ा 205.5 हेक्टे।
सड़क अर्जुनी 202.09 हेक्टे।
देवरी 141.2 हेक्टे।
गोरेगांव 81.25 हेक्टे।
आमगांव 0.0 हेक्टे।
सालेकसा 0.0 हेक्टे।

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