

Himachal Pradesh student protest: दिल्ली और झारखंड के बाद अब पूरे देश में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। नीट पेपर लीक से लेकर जेपीएससी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर प्रदर्शन हुए हैं। विरोध की यह लहर अब हिमाचल प्रदेश भी पहुंच गई है। शिमला में यूनिवर्सिटी फीस बढ़ोतरी के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
शिमला में यूनिवर्सिटी के छात्र फीस बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र संगठनों का आरोप है कि कई कैटेगरी में फीस 25% से ज्यादा बढ़ाई गई है, खासकर नॉन-सब्सिडाइज्ड कोर्स, परीक्षा और PhD से जुड़ी फीस में बढ़ोतरी हुई है। इसको लेकर हजारों की संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे है।
SFI HPU के कैंपस प्रेसिडेंट आशीष चौहान ने प्रदर्शन को लेकर कहा, "हम फीस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। हम कुछ नॉन-सब्सिडाइज्ड कोर्स, परीक्षा शुल्क और PhD से जुड़ी फीस में बढ़ोतरी का विरोध करते हैं। हम नए नियुक्त प्रोफेसरों को हटाने की भी मांग कर रहे हैं।"
छात्र नेता अमन अदिति ने छात्रों के प्रदर्शन के बारे में बताते हुए कहते हैं, "हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एडमिशन और दूसरे डिपार्टमेंटल शुल्क में 25-27% की बढ़ोतरी की है। हमने विरोध-प्रदर्शन के जरिए इस बढ़ोतरी का विरोध किया। छात्रों की दो मुख्य मांगें हैं। फीस बढ़ोतरी कम की जाए और छात्र संघ चुनाव फिर से शुरू किए जाएं। साथ ही, कुछ कोर्स में नॉन-सब्सिडाइज्ड फीस उम्मीद से ज्यादा बढ़ गई है।"
अमन अदिति ने आगे कहा, इस यूनिवर्सिटी में बेसिक सुविधाएं भी ना के बराबर है। हम यह मानते है कि फीस बढ़ाने का प्रेशर है लेकिन इतनी बढ़े कि छात्र उसे अफॉर्ड कर सकें। उनका कहना है कि अगर फीस बढ़ानी ही है तो नई बैच के साथ शुरू ताकि पूराने बैच के छात्रों पर इसका बोझ न बढ़ें।
यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय पर हो रहा है जब हिमाचल प्रदेश में मानसून सत्र का आरंभ होने वाला है। बता दें, कि हिमाचल प्रदेश का मानसून सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर तक चलने वाला है। ऐसे में सरकार पर भी छात्र दबाव बनाने की कोशिश कर रहे है। संभावना है कि यदि छात्रों की मांग पूरी नहीं होती तो यहां भी छात्र विधानसभा सत्र के दौरान राज भवन घेराव की तैयारी कर सकते है।